झांसी: प्रदेश में कोविड प्रबंधन की व्यवस्थाओं को लेकर योगी सरकार काफी सचेत है। जिलाधिकारी समेत अन्य अफसर अपने-अपने जिलों की रिपोर्ट प्रत्यक्ष तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपलब्ध करा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार के लिए कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग बेहद महत्वपूर्ण है।
सूबे में संक्रमण के बढ़ते मामलों काे लेकर सीएम खुद प्रत्येक जिले में जाकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इसको टीमवर्क के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जाए। संक्रमित मरीजों को दवाई, आक्सीजन, बेड तथा समय से एम्बुलेंस की उपलब्धता हो, कोई कमी न रहे।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक में जनपद ललितपुर व जालौन के जिलाधिकारी सहित चिकित्सा अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। साथ ही सांसद एवं विधायकगणों ने भी प्रतिभाग किया।सीएम ने निरीक्षण की शुरुआत राजकीय मेडिकल कालेज से की। इस दौरान कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह उनके साथ में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जिला मुख्यालय के समीपवर्ती ग्राम बड़ोखरखुर्द पहुंचे। उन्होंने कन्या विद्यालय में निगरानी समिति के सदस्यों से बातचीत की। उनका हालचाल लेते हुए गांव में कोरोना संक्रमण और टीकाकरण के बारे में जानकारी ली। सदस्यों से वे बोले कि संक्रमण रोकने के लिए निगरानी समितियों को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। लिहाजा सभी को मिलकर गांवों को संक्रमण से मुक्त कराकर सभी काे टीकाकरण के लिए प्रेरित करना है। समिति के लोगों को क्या कार्य करने है मुख्यमंत्री ने उन्हें इसकी जानकारी दी।
वैक्सीन लगवा चुके कई लोग विद्यालय में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सभी से क्रमश: वार्ता कर हालचाल जाना। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें पहले कुछ मामूली बीमारियां थीं, जो टीकाकरण के बाद ठीक हो गईं। यहां सीएम और डीएम के साथ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी सर्वेश कुमार पांडेय, एसबीएम के जिला समन्वयक मनोज द्विवेदी, नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
बुंदेलखंड के जिलों में लग रहे नौ आक्सीजन प्लांट: बांदा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां कहा कि बुंदेलखंड आक्सीजन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा। यहां के जिलों में नौ आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ प्रदेश सरकार ने लड़ाई लड़ी है। पहली आक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर दूसरी लहर में मरीजों के लिए आक्सीजन का इंतजाम किया। कोरोना के खिलाफ इस जंग में वायुसेना के विमान तक लगाए। प्रदेश के प्रत्येक जिले में आक्सीजन निर्भरता का लक्ष्य पाने के लिए 300 आक्सीजन प्लांट लग रहे हैं।
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