बिहार वाले छूट की उम्मीद लॉकडाउन 4 में छूट भूल जाएं!

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पटना। लॉकडाउन 4 (Lockdown 4.0) में छूट की उम्मीद लगाए बैठे बिहार के लोगों को निराशा हाथ लग सकती है। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू होने से पहले बिहार की राजधानी पटना में एक साथ संक्रमण के 56 नए केस सामने आए हैं। लॉकडाउन-4 (Lockdown 4.0) की गाइडलाइन के अनुसार बस, टैक्सी या निजी वाहन से एक राज्य से दूसरे राज्य में यात्रा की छूट दी गई है। लेकिन इसके लिए दोनों राज्य सरकारों की सहमति की जरूरत होगी।

शाम 7 बजे से सुबह के 7 बजे तक अघोषित कर्फ्यू लागू रहेगी। हालांकि NDMA (National Disaster Management Authority) ने सभी मंत्रालय और विभाग को पत्र लिखकर 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की बात कही थी। पत्र के अनुसार सभी राज्यों को लॉकडाउन 4 के तहत काम करने का निर्देश दिया गया है।

क्या 8 मौत और बढ़ते संक्रमण के बाद मिलेगी छूट?
बिहार में अब तक 3 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो चुकी है। जिस बिहार में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बेहद कम नजर आ रही था, प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के बाद से संक्रमित मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से बदलाव देखने को मिला है।

पिछले 4 मई से आज की तारीख तक करीब सात सौ कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1251 तक पहुंच गयी है। इसलिए सवाल यह उठता है कि जिस बिहार के सभी जिले में कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं, उस बिहार में क्या पहले से ज्यादा छूट दी जा सकती है। हालांकि बिहार के हालात को देखते हुए लगता है कि लॉकडाउन-4 (Lockdown 4.0) में बिहार सरकार और भी ज्य़ादा सख्ती दिखा सकती है।

पटना में एक साथ मिले 56 संक्रमित मरीजों ने चिंता बढ़ाई
लॉकडाउन-3 में बिहार सरकार ने बिहार के किसी जिले को ग्रीन जोन में शामिल नहीं किया था। हालांकि उस वक्त बिहार के कई जिले कोरोना वायरस के प्रभाव से मुक्त थे। लेकिन सरकार ने सख्ती दिखाते हुए सभी जिला को रेड और आरेंज जोन में ही रखा था।

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