मुजफ्फरपुर ।मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में चमकी बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 64 पहुंच गया। गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर और इसके आस-पास के इलाकों में भयंकर गर्मी और उमस की वजह से बच्चे एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम यानी कि चमकी बुखार का तेजी से शिकार हो रहे हैं।
मौसम में तल्खी और हवा में नमी की अधिकता के कारण होने वाले वाले इस बुखार को लेकर राज्य के सीएम नीतीश कुमार भी चिंता जता चुके हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस पर नजर बनाए रखने को कहा है। यह बीमारी हर साल इसी मौसम में मुजफ्फरपुर और इसके आसपास के इलाकों के बच्चों को अपनी चपेट में लेती है। शाही ने बताया कि एईएस से पीड़ित अधिकांश बच्चों में हाइपोग्लाइसीमिया यानी अचानक शुगर की कमी और कुछ बच्चों के शरीर में सोडियम (नमक) की मात्रा भी कम पाई जा रही है।
सिरदर्द और तेज बुखार के लक्षणों वाली इस बीमारी से ग्रसित तकरीबन 109 मरीजों को इस साल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, 14 नए मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है। इस बीमारी से अबतक 64 बच्चों की मौत हो गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान मुजफ्फरपुर पहुंचने वाले थे। उनके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्वनी कुमार चौबे भी इस बीमारी के प्रकोप से उत्पन्न हालात का जायजा लेने मुजफ्फरपुर पहुंचने वाले थे। लेकिन दोनो मंत्रियों का दौरा रद हो गया है।मिली जानकारी के मुताबिक मंत्री पहले मुजफ्फरपुर से जांच रिपोर्ट की टीम से हालात का जायजा लेंगे फिर मुजफ्फरपुर आएंगे।
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