मुज्जफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर में बुखार से पीड़ित बच्चों के परिजनों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा है। तीमारदारों का आरोप है कि बच्चों को ओआरएस का घोल भी नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। बिहार में बच्चों पर मौत बन कर टूट रही चमकी बुखार यानी इंसेफ्लाइटिस ने महामारी का रूप ले लिया है।
बिमारी और मौत से निपटने में लाचार और नाकाम स्वास्थ व्यवस्था के बीच लोगों दहशत में हैं। हालत कुछ इस कदर बन चुके है की लोग अपने बच्चों को इस बिमारी से बचाने के लिए पलायन को मजबूर हो रहे हैं।वैशाली जिले के हरवंशपुर में , जंहा एक हो टोले के 5 बच्चो की मौत हो गई और कई बच्चे अभी भी बीमार है।
लोगो ने अपने घरो को छोड़ दिया है और अपने बच्चो को दूर दराज के रिस्तेदारो के यंहा भेज दिया है। बिहार में इंसेफ्लाइटिस से हो रही बच्चों की मौत और नाकाम स्वास्थ व्यवस्था के आरोपों के बीच आखिर मुख्यमंत्री मुज्जफ्फरपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने दौरा किया, जरूरी निर्देश दिया और भरोसा दिया की सब ठीक हो जाएगा।
लेकिन मौत का दुसरा नाम बन चुके इस बिमारी ने मुज्जफरपुर के आस पास के कई जिलों में पैर पसारना शुरू कर दिया है।.इंसेफ्लाइटिस के कहर से जंहा बिहार में बच्चों की मौत का अकड़ा 130 से ऊपर चला गया है।
वैशाली जिले के हरवंशपुर टोले में ही पिछले कुछ दिनों में 5 बच्चों की मौत के बावजूद टोले के लोग ठीक से अपने नौनिहालों का मातम भी नहीं मना पा रहे हैं वजह है टोले में पसरा मौत का दश्तक देने वाले इस बिमारी का अभी भी कहर.स्थानीय लोगों का आरोप है की लगातार बच्चों के मौत और मौत के खौफ में जी रहे वैशाली के इस टोले में स्वास्थ विभाग के किसी अधिकारी ने या किसी नेता अधिकारी ने झाँकने की भी जहमत नहीं उठाई है.।
मरते बच्चों के लिए स्वास्थ विभाग का कोई इंतजाम नहीं दिख रहा. वही इस जानलेवा कहर को लेकर जब स्थानीय स्वास्थ महकमे से सवाल किया गया तो जिले के सिविल सर्जन ने बेहद हैरान करने वाले अंदाज में कहा की जहां-जहां से मौत की सुचना मिल रही है वंहा कैम्प किया जा रहा है.। हालात साफ़ साफ़ बया कर रहा है की बिहार में महामारी का रूप ले चुके इस बिमारी को लेकर किसी को कुछ सूझ नहीं रहा ना तो बिमारी की वजह , न बिमारी का इलाज को लेकर कुछ स्पस्ट हो पाया है. उस पर बिहार के स्वास्थ महकमे की लचर हालत ने हालात को बद से बदतर बना दिया ।
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