बिहार : पेट्रोल छिड़क जिंदा जला दी गईं दो युवतियां, लोगों का गुस्सा चरम पर

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पटना। पेट्रोल छिड़क दो युवतियां जिंदा जला दी गईं। दोनों के शव सुनसान खेत से बरामद किए गए। दोनों के शव को देखने से पता चल रहा है कि दोनों नवविवाहिताएं हैं। एक घटना बक्सर की है, दूसरी वारदात समस्तीपुर की है। दोनों जिलों में भौगोलिक दूरी तकरीबन 214 किलोमीटर है, लेकिन घटना का दृश्य लगभग समान है। बिहार में सत्ताधारी राजनीतिक दल और उसके मुखिया नीतीश कुमार भले ही सुशासन का दावा कर रहे हैं, परंतु पिछले दो दिनों में दो युवतियों के अधजले शव मिलने के बाद बिहार में गुस्सा है। विपक्ष जहां सत्ता पक्ष पर निशाना साध रहा है, वहीं पुलिस के हाथ इन दोनों मामलों में अब भी खाली हैं।

बक्सर जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के कुकुढा गांव में एक सुनसान खेत में मंगलवार को एक युवती का अधजला शव बरामद हुआ था, जबकि इस घटना के एक दिन बाद ही बुधवार को समस्तीपुर के वारिसनगर थाना क्षेत्र में एक तंबाकू के खेत से एक युवती का अधजला शव बरामद किया गया। इन दोनों मामलों में अभी तक पुलिस जांच का दावा तो कर रही है, परंतु हकीकत यह है कि पुलिस अबतक दोनों शवों की पहचान तक नहीं कर पाई है।

बक्सर की घटना में दुष्कर्म की आशंका व्यक्त की गई है। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इसके लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। अभी तक शव की पहचान नहीं हो सकी है।

पुलिस ने मामले में सुराग देने वाले को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।शाहाबाद प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश राठी ने गुरुवार को बताया कि शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म का जिक्र नहीं है।

अब फोरेंसिक विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के कारणों के बारे में पता लग सकेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।राठी ने कहा कि पुलिस को सबूत के तौर पर कम चीजें हाथ लगी हैं, परंतु जो भी चीजें हाथ लगी हैं, उसके आधार पर वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। इसके लिए घटना की रात इस क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल फोनों की भी जांच की जा रही है।

बक्सर में युवती के साथ कथित दुष्कर्म तथा हत्या मामले को लेकर लोगों का गुस्सा चरम पर है। विभिन्न संगठनों ने अपने-अपने ढंग से सड़कों पर आक्रोश प्रदर्शित करते हुए हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग के साथ ही गुरुवार को बक्सर बंद बुलाया है, जिसका असर भी देखा जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं ने बुधवार को आक्रोश मार्च निकालकर हत्यारों की अति शीघ्र गिरफ्तारी तथा मामले का खुलासा करने की मांग प्रशासन से की। सामाजिक कार्यकर्ता संदीप ठाकुर कहते हैं कि बंद स्वस्फूर्त है।

उल्लेखनीय है कि बक्सर की घटना में घटनास्थल से पुलिस को एक खोखा भी मिला है। ऐसे में आशंका है कि गोली मारकर युवती की हत्या कर पहचान छिपाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की गई है।

सूत्र इसे प्रतिष्ठा के लिए हत्या से भी जोड़कर देख रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि बक्सर से लेकर पटना तक इस घटना के बाद उबाल है। ऐसे में अगर किसी के घर से युवती गायब होती तो अब तक वह पुलिस के सामने आता, परंतु अब तक ऐसा नहीं हुआ है। ऐसे में संदेह प्रतिष्ठा के लिए हत्या पर भी जा रहा है। इधर, समस्तीपुर मामले में भी अब तक शव की पहचान नहीं हुई है। यहां भी पुलिस वैज्ञानिक जांच का दावा कर रही है।

पुलिस का कहना है कि 15 दिनों में जांच रिपोर्ट मिलेगी। वहीं पुलिस अधीक्षक विकास बर्मन कहते हैं कि पहचान छिपाने के लिए अपराधियों ने महिला को जला दिया। दुष्कर्म हुआ या नहीं यह जानकारी पोस्टमार्टम व एफएसएल रिपोर्ट से ही मिलेगी। ऑनरकिलिंग के बिंदु पर भी जांच की जा रही है।

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