बाराबंकी : मुफ्त चाय नहीं दी तो सिलेंडर-भट्ठी उठा ले गई पुलिस, वायरल वीड‍ियो पर दी यह सफाई

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बाराबंकी, पुलिस अधीक्षक डॉ अरविंद चतुर्वेदी के सकारात्मक कार्यों और गतिविधियों से पुलिस की नई छवि गढ़ने के प्रयासों को उनके मातहत ही पलीता लगा रहे हैं। बुधवार को रात रामसनेहीघाट कोतवाली के पुलिस कर्मी दिलोना मोड़ के पास स्थित ढाबे पर पहुंचे और मुफ्त में 25 चाय देने को कहा। ढाबा मालिक के इन्कार करने पर पुलिस के वाहन से उसका सिलिंडर उठा ले गए। इसका वीडियो भी वॉयरल हो रहा है। हालांकि, कोतवाल ने चाय मंगाने से इन्कार किया है। कहा, ढाबे के पास शराब पिलाए जाने की सूचना पर पुलिस गई थी। घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक प्रयोग किया जा रहा था, इसलिए लाया गया होगा।

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रामसनेहीघाट पुलिस का सिलिंडर ले जाते वीडियो वायरल। कोतवाली प्रभारी बोले नहीं मंगवाई चाय घरेलू सिलिंडर का हो रहा था कॉमर्शियल प्रयोग इसल‍िए की कार्रवाई। भिटरिया के रहने वाले ढाबा मालिक संजय ने पुलिस अधीक्षक आइजी जोन अयोध्या डीआइजी लखनऊ और मुख्यमंत्री से की है।

उच्चाधिकारियों से की शिकायत

भिटरिया के रहने वाले ढाबा मालिक संजय ने पुलिस अधीक्षक, आइजी जोन अयोध्या, डीआइजी लखनऊ और मुख्यमंत्री से की है। इसमें आरोप लगाया है कि बुधवार की रात पुलिसकर्मी ढाबे पर आए और कोतवाली के लिए 25 चाय निश्शुल्क देने को कहा। इन्कार करने से नाराज पुलिसकर्मी कोतवाली का वाहन लेकर पहुंचे और गाली गलौज कर ढाबे से सिलेंडर और भट्ठी उठा ले गए। पीड़ित ने ढाबे से सिलेंडर ले जाते हुए सीसीटीवी में कैद फुटेज भी वायरल की है।

प्रभारी निरीक्षक सच्चिदानंद राय ने बताया कि ढाबे के पास शराब पिलाने की सूचना मिली थी जिसको लेकर दीवान व अन्य पुलिसकर्मियों को वहां भेजा गया। मौके से सभी लोग भाग निकले और एक सिलेंडर मिला जिसे थाने लाया गया। अभी तक उस सिलिंडर के लिए कोई शिकायत करने या मालिकाना हक जताने भी नहीं आया है। चाय नहीं मंगाई गई थी।

अब ढाबा मालिक को फंसाने की तैयारी में पुलिस

प्रकरण को तूल पकड़ता देख पुलिस इसे नया मोड़ देने में जुट गई है। क्योंकि वारयल वीडियो में सिलिंडर ले जाते पुलिस कर्मी सीसी कैमरे में दिख रहे हैं। ऐसे में पुलिस खुद के बचाव के लिए शराब पिलाई जाने पर दबिश देने की बात कह रही है।

उठ रहे सवाल

  • शराब पीने और पिलाने वाले को क्यों नहीं पकड़ सकी।
  • जब अवैध कार्य हो रहा था तो उसके बाद कार्रवाई क्यों नहीं कि गई।
  • सिलिंडर के लिए तहरीर और मालिकाना हक जताने वाले का इंतजार क्यों?

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