नदी का जल स्तर बढ़ने से उसके अंदर खेती कर रहे किसानों की फसलें हुई बर्बाद।
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
बांदा। रसिन बांध से छोड़े गए पानी से बागे नदी का जलस्तर बढ़ा जिससे नदी के किनारे केवटो द्वारा रेत पर लगाई गई सब्जी बारी की खेती उजड़ गई. आधा दर्जन लोगों की नाव भी बह गई|
बदौसा दुवरिया के तमाम निषाद बंधु बागे नदी के तट पर सब्जी की खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं शुक्रवार रात रसिन बांध के अचानक फाटक खोल दिए जाने से नदी का जलस्तर बढ़ गया जिसके कारण नदी में खेती कर रहे इन गरीबों की तमाम बारियों में जलभराव हो गया जिससे सभी पौधे सड़ गए इस दौरान कमलेश रामू देवीदयाल ज्ञानू रज्जू की नाव नदी में बह गयी आज थाना दिवस पर सैकड़ों की तादाद में महिला पुरुष थाने पहुंच गए और थाना दिवस में मौजूद उप जिलाधिकारी से अपनी फरियाद सुनाई जिस पर उन्होंने कहा कि बालू रेत पर आप अवैध रूप से फसल लगाए हुए हैं ऐसे में कोई भी मुआवजा देय नहीं है।
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