नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप और मर्डर के दोषी नया डेथ वारंट जारी होने के बाद से अपनी कार्यशैली में बदलाव कर दिया है। निर्भया के दोषी फांसी से बचने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाने का प्रयास कर रहे हैं। इनमें से एक दोषी विनय शर्मा ने अपने आप को घायल कर लिया है ताकि उनकी फांसी रुक जाए। आपको बताते जाए कि कोर्ट ने फांसी के लिए 3 मार्च का दिन तय कर दिया है।
तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने बताया कि 2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले में दोषी विनय कुमार ने खुद को चोटिल पहुंचाने का प्रयास किया था। विनय कुमार ने खुद का सिर दीवार पर दे मारा। 16 फरवरी को हुई इस घटना में विनय को कुछ हल्की चोटें आई हैं। इस मामले में वकील एपी सिंह का कहना है कि नया डेथ वारंट जारी होने के बाद से विनय की मानसिक स्थिति खराब हो गई हैं। इसने अपनी मां को भी पहचानने से इनकार कर दिया है। जेल अधिकारियों का कहना है कि विनय की हालत ठीक है।
जेल अधिकारियों ने बताया कि फांसी की सजा पाने वाले दोषी कई बार हिंसक बर्ताव पर उतर जाते हैं, ऐसे में अगर दोषी को चोट पहुंचती है तो फांसी को कुछ वक्त के लिए और टाला जा सकता है। जेल अधिकारियों का कहना है कि दोषी अगर घायल हो जाता है या उसके वजन में कमी आती है तो ठीक होने तक फांसी को टाल दिया जाता है।
आपको बताते जाए कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेद्र राणा ने नया डेथ वारंट जारी करने की मांग वाली याचिका पर यह आदेश दिया था। इस मामले में मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31) दोषी हैं।
Leave a Reply