प्रति दस लाख आबादी पर कोरोना से मौतें भारत में सबसे कम

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नई दिल्‍ली इस समय दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण एक बार फिर तेजी से पांव पसारने लगा है। हालांकि, अपने देश की तस्वीर अलग है। अपने यहां 10 लाख आबादी पर होने वाली मौतें दुनिया के मुकाबले आधी हैं। सर्वाधिक प्रभावित 10 देशों की बात करें तो स्पेन में मौतों का औसत (भारत के मुकाबले नौ गुना) सबसे ज्यादा है।

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आलम यह है कि कुल दैनिक संक्रमितों में से 79 फीसद तक 10 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों से आ रहे हैं। दिल्ली बंगाल कर्नाटक आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु में दैनिक मामलों में वृद्धि आई है।

कम जीडीपी व साफ-सफाई वाले देशों में मृत्युदर कम : भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया है कि जिन देशों का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी कम है, साफ-सफाई की भी समुचित व्यवस्था नहीं है और साफ पेयजल की आपूर्ति भी नहीं होती, वहां विकसित व धनाढ्य देशों के मुकाबले मृत्युदर कम है। हालांकि, मृत्युदर कम करने के लिए ऐसी परिस्थितियों का होना जरूरी नहीं है।

नेशनल सेंटर फॉर सेल साइंस (एनसीसीएस) व चेन्नई मैथेमैटिकल इंस्टीट्यूट की तरफ से कराया गया अध्ययन मेड्रक्जिव नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। 106 देशों में 25-30 बिंदुओ पर हुए इस अध्ययन में जनसांख्यिकी, संक्रामक व गैर संक्रामक रोग, बीसीजी वैक्सीन, साफ-सफाई व कोरोना वायरस के कारण प्रति 10 लाख आबादी पर मृतकों की संख्या को शामिल किया गया। इस दौरान पाया गया कि विकसित देशों के मुकाबले कम जीडीपी वाले देशों के लोगों में रोग प्रतिरोधी क्षमता ज्यादा थी। हालांकि, शोधकर्ताओं व विशेषज्ञों का मानना है कि इस दिशा में अभी और अध्ययन की संभावनाएं बाकी हैं।

काम आ रही जांच की रणनीति : कोरोना जांच के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल है। देश में 24 घंटे के दौरान 10.66 लाख जांचें हो चुकी हैं, जबकि कुल जांच की बात करें तो आंकड़ा 10.5 करोड़ को पार कर गया है। स्वास्थ्य मंत्रलय का दावा है कि पहले जांच व पहले उपचार की रणनीति काम आई। नतीजतन देश में ठीक होने की दर ज्यादा है और मृत्युदर महज 1.5} है। कोरोना महामारी पर करीबी नजर रखने वाली वेबसाइट वल्डरेमीटर के अनुसार भारत में पिछले 24 घंटे में 43 हजार से ज्यादा नए मामले आए हैं, जबकि 58 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं।

10 राज्यों में 79 फीसद नए मामले : केरल नए संक्रमितों के मामले में महाराष्ट्र से भी आगे निकल गया है। दोनों राज्यों में अब भी 5,000 से ज्यादा मामले आ रहे हैं। आलम यह है कि कुल दैनिक संक्रमितों में से 79 फीसद तक 10 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों से आ रहे हैं। दिल्ली, बंगाल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु में दैनिक मामलों में वृद्धि आई है।

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