नई दिल्ली। देश पिछले कुछ समय से आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है। ऐसे में बेरोजगारी की समस्या भी लगातार बढ़ रही है। युवा अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। सरकार भी उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रयासरत है। इस बीच आज गुरुवार को कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान इस मुद्दे पर कई जानकारी शेयर की।
जितेंद्र सिंह ने लिखित जवाब में दिए गए डेटा के अनुसार बताया कि एक मार्च 2018 तक कुल पदों में छह लाख 83 हजार 823 पद खाली थे। इनमें से पांच लाख 74 हजार 289 पद ग्रुप सी में, 89 हजार 638 पद ग्रुप बी में और 19 हजार 896 पद ग्रुप ए में रिक्त थे। विभिन्न विभागों में खाली पदों की रिपोर्ट के मुताबिक स्टाफ सलेक्शन कमीशन (एसएससी) ने साल 2019-20 के दौरान एक लाख 5 हजार 338 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
साल 2017-18 में सेंट्रलाइज्ड एम्प्लॉयमेंट नोटिफिकेशन (सीईएन) में ग्रुप सी और लेवल-1 के विभिन्न पदों के लिए एक लाख 27 हजार 573 संयुक्त भर्तियों की अधिसूचना रेलवे मंत्रालय और रेलवे भर्ती बोर्ड के द्वारा नई और भविष्य के खाली पदों के लिए जारी की गई थी।
अन्य पांच सीईएन में विभिन्न ग्रुप सी और लेवल-1 के पदों पर एक लाख 56 हजार 138 भर्तियों के लिए 2018-19 में अधिसूचना जारी की गई थी। डाक विभाग ने भी विभिन्न ग्रेड्स के लिए एसएससी के द्वारा की जाने वाली भर्तियों के अलावा 19 हजार 522 भर्तियों के लिए अधिसूचना जारी की और परीक्षा आयोजित करवाई थीं।
एसएससी, आरआरबी और डाक विभाग में चार लाख आठ हजार 591 पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया छोटी बनाने को सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती कराने वाली एजेंसियां कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन टेस्ट लेने लगी हैं। दूसरी ओर, गैर-राजपत्रित पदों के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया एक जनवरी 2016 से खत्म कर दी गई थी।
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