मोहित गुप्ता की रिपोर्ट
इस ऑडियो ने बहुत से सवाल खड़े कर दिए है पूर्व जिलाध्यक्ष पम्मू यादव ने उस प्रत्यासी को टिकट क्यो दिलवा दी जो चुनाव जीतने की कुव्वत नही रखता था और अगर टिकट दिलवाया था तो अपनी पार्टी के प्रत्यासी की मदद क्यो नही की।जिस पम्मू यादव के समर्थक ने पम्मू यादव को फोन किया था उसने अपने आपको बावन ब्लाक के पुन्नाहिया गांव का निवासी बताया था आप लोगी के संज्ञान में लाना है कि पुन्नहिया गाँव यादव जाति के लोगो का गांव है और सपा का गढ़ है जब इस गांव के यादव मतदाताओं के सहयोग से एक निर्दलीय प्रत्यासी को पम्मू यादव चुनाव जितवा सकते है तो अपनी पार्टी द्वारा समर्थित प्रत्यासी को क्यो नही जितवाया।आखिर अपनी ही जाति के लोगो के अंदर यह धारणा क्यो बनाई की उनकी पार्टी का प्रत्यासी जीत नही रहा है
अगर पुनन्हिया गाँव का वोट सपा समर्थित प्रत्यासी कुलदीप यादव उर्फ के0डी0 को मिल जाता तो शायद सपा के खाते में एक जिलापंचायत की सीट और चली जाती।
इस प्रकरण से एक बात समझ मे आती है कि सपा हरदोई के पूर्व जिलाध्यक्ष पदम् राग सिंह पम्मू ने अपनी समाजवादी पार्टी के साथ ही नही अपनी यादव जाति से भी छल किया है अपनी पार्टी के व अपनी ही जाति के प्रत्यासी को हरवाने का कार्य किया है
क्या पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन जैसे दलबदलू नेताओ की दम पर 2022 में सरकाए बनाने का सपना देख रहे है यह बड़ा सवाल है।वाइरल ऑडियो की पुष्टि हमारा संस्थान नही करता है
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