पुरी में अपने पीछे छोड़ गया फौनी तूफान तबाही का मंजर

[object Promise]

ओडिशा । पुरी शहर मे जगन्नाथ मंदिर के पुजारियों ने रोजाना की तरह विधिवत तौर पर मंदिर के कपाट खोले और पूजा की।  पुरी में समंदर किनारे तेज हवाओं के साथ रेतीली आंधी चली। कुछ ही मिनटों में सब कुछ धुंधला होने लगा। चक्रवात इस किनारे से महज कुछ इंच की ही दूरी पर था।

सड़कों पर कैब या ऑटो रिक्शा न होने की स्थिति में लोग पैदल ही सड़कों पर चलने को मजूबर थे। चारों तरफ सिर्फ तबाही का मंजर था। जहां यह तूफान झोपड़ियों को अपने साथ उड़ाकर ले गया, वहीं कलेक्टर, एसपी और दूसरे सरकारी अधिकारियों के आवास भी नुकसान से नहीं बच सके।

यह तूफान अपने पीछे तबाही का मंजर, समुद्र किनारे के टूटे होटल, सड़क किनारे बिखरे बिजली के तार, उखड़े हुए बिजली के खंभे, पेड़, मोबाइल टावर, कई जगह लोगों के टूटे घर और पानी में डूबी मछुआरों की कॉलोनी। हालांकि अभी तक श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन से मंदिर में कहीं भी टूट-फूट की खबर नहीं आई है।

बता दें कि शुक्रवार को आए भयंकर चक्रवाती तूफान के बाद ओडिशा में बड़ी संख्या में नुकसान पहुंचा है। पूर्व की तैयारी के कारण मरने वालों की संख्या बेहद कम है, लेकिन शहर को इससे काफी नुकसान पहुंचा है। इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। जबकि पिछली बार जब इस तीव्रता का तूफान आया था तो करीब 10 हजार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस तूफान से करीब एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं।

मीडिया खबरों के अनुसार 16 लोगों में से मयूरभंज के 4, पुरी, भुवनेश्वर और जाजपुर के 3-3 और क्योंझर, नयागढ़ व केंद्र पाड़ा के 1-1 व्यक्ति शामिल हैं। प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के लिए रवाना होने से पहले ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि नागरिक समाज संगठनों, एनडीआरएफ, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) के कर्मियों और एक लाख अधिकारियों के साथ लगभग 2 हजार आपातकालीन कर्मचारी सामान्य जनजीवन को फिर से बहाल करने के कार्य में लगे हुए हैं।

ओडिशा में जमकर तबाही मचाकर अब पश्चिम बंगाल में दस्तक दे चुका है. पश्चिम बंगाल में तेज बारिश और तेज हवा चलने का सिलसिला शुरू हो गया है। बंगाल के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हो रही है।

बंगाल और झारखंड के कई शहरों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है. दोनों राज्यों में प्रशासन हाई अलर्ट पर है. फानी ने शुक्रवार को ओडिशा में जमकर कोहराम मचाया. पुरी, भुवनेश्वर में करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बात की और तटीय राज्य में चक्रवात आने के बाद की स्थिति पर चर्चा की। वह सोमवार को ओडिशा का दौरा कर फोनी से हुए नुकसान का जायजा लेंगे। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को आश्वासन दिया कि केंद्र की तरफ से राज्य को लगातार सहायता मिलती रहेगी।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *