पद्मावतीः जयपुर के किले पर लटका मिला शव, पत्‍थरों पर लिखा- हम पुतले नहीं जलाते

पद्मावतीः जयपुर के किले पर लटका मिला शव, पत्‍थरों पर लिखा- हम पुतले नहीं जलाते

 

 

राजस्थान में संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ का विरोध खूनी रूप लेता जा रहा है. शुक्रवार को जयपुर के नाहरगढ़ किले पर एक शख्स की लाश लटकती हुई मिली है. दीवार पर फिल्म ‘पद्मावती’ के विरोध में मैसेज भी लिखे हैं.

जिस जगह पर लाश लटकी मिली है, उसके नजदीक पत्थर पर लिखा है- ‘हम पुतले नहीं जलाते, लटकाते हैं.’ वहीं, दूसरे पत्थर पर लिखा है- ‘पद्मावती का विरोध’.

पुलिस के मुताबिक, लाश की शिनाख्त चेतन सैनी के रूप में हुई है. पुलिस को उसकी जेब से पुलिस को मुंबई की एक फिल्म का टिकट भी मिला है. पहुंची पुलिस ने लाश को किले से उतार लिया है. इसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है.

पद्मावती फिल्म से जुड़ी धमकियां जो पत्थर पर लिखी मिली हैं, वो इस व्यक्ति से संबंधित है या नहीं, यह कहना मुश्किल है.

लाश की नहीं हुई शिनाख्त.

दिल्ली हाईकोर्ट ‘पद्मावती’ पर बैन लगाने वाली याचिका खारिज
उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘पद्मावती’ फिल्म पर बैन लगाने वाली याचिका खारिज कर दी है. हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह की याचिकाओं को लगाकर आप हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं. कोर्ट ने कहा, ‘अभी मामला सेंसर बोर्ड के पास पेंडिंग है. जब इस तरह की याचिका सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है, तो सुनवाई की जरूरत नही है, इसलिए हम इस याचिका को ख़ारिज कर रहे हैं.’

यूके पहुंचा पद्मावती विवाद

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ पर मचा बवाल अब यूनाइटेड किंगडम पहुंच गया है. लंदन में राजपूत ग्रुप ब्रिटिश सेंसर बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहा है.

पत्थर पर लिखा स्लोगन.

यूनाइटेड किंगडम में राजपूत सेना के अध्यक्ष महेंद्र सिंह जडेजा ने ‘सीएनएन न्यूज 18; से बात करते हुए कहा, ‘हम राजपूत समाज के लोग पद्मावती को लेकर बहुत चिंतित हैं. हमने बीबीएफसी को लेटर लिखा है. हम योजना बना रहे हैं कि फिल्म को यूके में भी रिलीज होने न दें. इसके लिए कैंपेन और प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं.’

लाश को उतारती पुलिस.

बता दें कि ब्रिटिश सेंसर बोर्ड ने फिल्म को बिना किसी कट के पास कर दिया है और एक दिसंबर से रिलीज को हरी झंडी दे दी है.ब्रिटिश सेंसर बोर्ड ने फिल्म को 12 A रेटिंग दी है. इसका मतलब है कि फिल्म को 12 साल से कम उम्र के बच्चे किसी बालिग व्यक्ति के साथ ही देख सकेंगे. हालांकि, लंदन राजपूत समाज ने ब्रिटिश सेंसर बोर्ड को चिट्ठी लिखी है और अपने निर्णय पर दोबारा विचार करने को कहा है.

करणी सेना सहित कई राजपूत ग्रुप फिल्म के विरोध में हैं. उनका मानना है कि इसमें इतिहास के साथ छेड़छाड़ किया गया है. हालांकि, पद्मावती को बनाने वाली ‘वायकॉम 18’ ने कहा है, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) से क्लियर हुए बिना फिल्म को ग्लोबल लेवल पर रिलीज करने की कोई योजना नहीं है.

किले की दीवार पर लिखा स्लोगन.

पीटीआई ने उसके एक सोर्स के हवाले से कहा है, फिल्म को यूके सेंसर बोर्ड ने बिना किसी कट के रिलीज कर दिया है. लेकिन, भारत में इसे सेंसर क्लियरेंस का इंतजार है. इसके बाद ही आगे इस पर कोई विचार होगा.

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