पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया समाज के लिए समर्पित इन महिलाओं को

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महिलाएं हाथ में जो काम लेती हैं उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाती भी हैं। कुछ औरतें सिर्फ अपने परिवार ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी खुद को पूरी तरह से समर्पित कर देती हैं। आज हम ऐसी ही कुछ महिलाओं की बात कर रहे हैं, जिनको उनकी काबलियत और जज्बे के कारण भारत के सबसे बड़े सम्मान में शामिल पद्म श्री अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

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क्या है पद्मश्री पुरस्कार
पद्मश्री सम्मान, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान में से एक है। हर साल यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित किए जाने वाले सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्वारा ही प्रदान किया जाता है। ये सम्मान अलग-अलग क्षेत्रों जैसे समाज सेवा,कला, विज्ञान और इंजीनियरी,लोक-कार्य,व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल-कूद, सिविल सेवा आदि के संबंध में अच्छा काम करने वाले लोगों को प्रदान किया जाता है। ये अवॉर्ड हासिल करने में महिलाएं, पुरुषों से पीछे नहीं है।

– पद्मश्री अभिनेत्री श्रीदेवी
हिंदी सिनेमा की पहली सुपरस्टार श्रीदेवी महज 54 साल की उम्र में ही अलविदा कह गई। 54 साल की उम्र में 50 साल का उनका सफर फिल्मी रहा। श्रीदेवी के नाम से फेमस उनके बचपन का नाम ‘बेबी श्री अम्मा अयंगर’ था। उन्हें साल 2013 में सिनेमा में दिए गए योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था। सिर्फ पद्मश्री ही नहीं उन्हें अन्य कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया।

महज 4 साल की उम्र में उन्होंने तमिल की फिल्मों में अभिनय करना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने तमिल, तेलगु और मलायम में कई फिल्में की। इसके बाद वह बॉलीवुड में छा गई। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने लगभग 300 फिल्मों में काम किया।

फैमिली के लिए छोड़ा करियर
एक अच्छी अदाकारा के साथ वह एक सफल पत्नी और मां भी साबित हुई। बोनी कपूर के साथ शादी के बाद उन्होंने उन्होंने दो बेटियों जाह्नवी और खुशी कपूर को जन्म दिया। बेटियों की परवरिश और फैमिली को अहमियत देते हुए उन्होंने अपने करियर पर ब्रेक लगाई। लंबे समय के बाद उन्होंने इंग्लिश-विंग्लिश व मॉम मूवी की।

– पद्मश्री डॉक्टर भक्ति यादव

डॉक्टर भक्ति यादव लगभग 92 साल की ग्यनाकॉलजिस्ट है। वह पिछले 68 सालों से लोगों का मुफ्त इलाज करके अपने डॉक्टर होने की जिम्मेदारी निभा रहीं हैं। अपने करियर में उन्होने कई औरतों की डिलीवरी की और इसके बदले में कोई पैसा भी नहीं लिया। उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

– पद्मश्री  डॉक्टर सुनीति सोलोमन
एड्स जानलेवा बीमारी है, बहुत से लोगों को इसके बारे में सही तरह से जानकारी भी नहीं होती। लोगों को जागरूक करने के लिए डॉ. सुनीति सोलोमन ने इस बीमारी पर कई रिसर्च किए। उनको भारत सरकार की तरफ से पद्मश्री से नवाजा चुका है।

– पद्मश्री लेखिका एली अहमद

83 साल की एली अहमद जी एक लेखिका हैं, वह अपने लेखों के दम पर असम में बच्चों और महिलाओं के हको की लड़ाई लड़ रही हैं। अपनी पत्रिका को भी उन्होंने महिलाओं को शिक्षित करने के लिए समर्पित कर दिया। समाज की सेवा करने के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

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