नई दिल्ली । नागरिकता कानून पर असम और पश्चिम बंगाल के बाद दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया और यूपी के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में रविवार को हिंसक प्रदर्शन हुए। दिल्ली में जहां प्रदर्शनकारियों ने 3 बसों और कुछ अन्य गाड़ियों में आग लगा दी वहीं, AMU में छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया। हिंसा के बाद AMU 5 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। जामिया में पूरे 14 घंटे तक चले बवाल के बीज आज स्थिति काबू में है। आइए सिलसिलेवार रूप से जानते हैं कि जामिया और AMU में कब-कब क्या हुआ।
रविवार को दोपहर 3 बजे के करीब अचानक जामिया और उसके आसपास के इलाके में हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने कई बसों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े ।
न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में रविवार दोपहर 3 बजे के करीब प्रदर्शनकारियों ने जमकर तांडव मचाया था। प्रदर्शनकारियों ने डीटीसी की 3 बसों और दमकल की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। कई दूसरे वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई। छात्रों का दावा है कि उनके प्रदर्शन में कुछ स्थानीय लोग शामिल हो गए और उन्होंने ही हिंसा फैलाई।
हिंसा के बाद पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इस बीच जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर वसीम अहमद खान ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खान ने कहा कि पुलिस जबरन कैंपस में घुस गई, उसे इसकी इजाजत नहीं दी गई थी। उन्होंने साथ में यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों और छात्रों को पीटा और उन्हें कैंपस से बाहर निकाल दिया।
जामिया की वीसी नजमा अख्तर ने बताया कि जामिया के छात्रों ने प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था। मुझे बताया गया कि आसपास की कॉलोनियों के लोगों ने प्रदर्शन का आह्वान किया था। उनका पुलिस के साथ झड़प हो गई और वे यूनिवर्सिटी का गेट तोड़कर कैंपस के अंदर आ गए। पुलिस प्रदर्शनकारियों और और लाइब्रेरी में बैठे छात्रों को पहचान नहीं पाई। कई छात्र और स्टाफ घायल हुए हैं। काफी अफरातफरी का माहौल था और ऐसे में पुलिस यूनिवर्सिटी से एंट्री की इजाजत नहीं ले पाई। मैं अपने छात्रों से शांति और उनकी सुरक्षा की अपील करती हूं।
पीटीआई के मुताबिक, जामिया के हॉस्टलों से कई युवाओं को पुलिस की घेरेबंदी के बीच हा थों को ऊपर उठाकर बाहर आते हए देखा गया। उनमें से कुछ छात्रों ने दावा किया कि पुलिस लाइब्रेरी में भी घुसी थी और छात्रों के साथ ‘बदसलूकी’ भी की। एक छात्र ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया, ‘दिल्ली पुलिस ने लाइब्रेरी में छात्रों को घेर लिया। हम बस जलाने की घटना में शामिल नहीं थे। जो लोग हिंसा में शामिल थे वे यूनिवर्सिटी के नहीं थे बल्कि बाहरी थे।’
Delhi: Students start leaving from Jamia Millia Islamia University as the University is closed till January 5 following yesterday’s incident. pic.twitter.com/4r8R3YfrMV
— ANI (@ANI) December 16, 2019
बीजेपी ने इस हिंसा के लिए सीधे-सीधे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी तरफ, दिल्ली के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर हार के डर से दिल्ली में आग लगवाने का आरोप लगाया है। दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हुई हिंसा के लिए सीधे-सीधे अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया है। आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और दिल्ली के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा है कि वह चुनाव में हार के डर से दिल्ली में आग लगवा रही है। सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘चुनाव में हार के डर से बीजेपी दिल्ली में आग लगवा रही है। AAP किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ है। ये बीजेपी की घटिया राजनीति है। इस विडियो में खुद देखें कि किस तरह पुलिस के संरक्षण में आग लगाई जा रही है।’
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