पटना। राजधानी के शरणम अस्पताल की जिस नर्स की रिपोर्ट शनिवार को पॉजिटिव आई है, 27 मार्च को उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। यह बिहार का पहला पॉजिटिव केस है, जिसकी रिपोर्ट 48 घंटे पहले निगेटिव थी। यह नर्स पटना-गया स्टेट हाईवे पर स्थित बैरिया में रहती है। उसके घर में उसकी मां, दो छाेटे भाई और दीदी का एक बेटा रहता है।
वह अस्पताल से घर ऑटो से जाती है। वह अस्पताल से ऑटो में बैठकर पहले पहाड़ीपर उतरती है, फिर वहां से दूसरे ऑटो से बैरिया पहुंचती है। यानी वह अस्पताल से घर जाने और घर से अस्पताल जाने में चार ऑटो में बैठती है। 20 मार्च को उसने मुंगेर के युवक का आईसीयू में बीपी नापा था। 20 और 21 मार्च को वह अस्पताल से घर गई और घर से अस्पताल पहुंची। फिर 22 मार्च को वह घर से अस्पताल आ गई। उस दिन जब मुंगेर के युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई ताे अस्पताल प्रशासन ने अन्य स्टाफ की तरह इस नर्स को घर नहीं जाने दिया। उसे अस्पताल में ही रखा गया।
नर्स 100 लोगों के संपर्क में आई
वह 20 मार्च की शाम से 22 मार्च की सुबह तक 10 ऑटो में बैठी। एक ऑटो में कम से कम पांच यात्री बैठते हैं। वह शरणम के स्टाफ के संपर्क में भी रही, जिनमें 44 का सैंपल गया। 20 से 22 मार्च की सुबह तक उसके घर में कुछ लोग पास-पड़ोस के आते-जाते रहे। इस तरह वह 100 से अधिक लाेगाें के संपर्क में आई। अब उसकी मां, दो छोटे भाई और एक बच्चे का सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
पटना एम्स में जिस कोरोना पॉजिटिव युवक की मौत हुई थी, उसका शव ले जाने वाले एंबुलेंस चालक और टेक्नीशियन की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। आईजीआईएमएस से रिपोर्ट शनिवार को अा गई। इसके अलावा गुरुवार को भेजे गए 13 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव है। शुक्रवार के भी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव है। शनिवार को अाईजीअाईएमएस में 25 संदिग्ध मरीज अाए थे। इनमें एक को भर्ती किया गया। 11 सैंपल भागलपुर से अाए थे जिनकी रिपोर्ट रविवार को आएगी। आईजीआईएमएस काे सासाराम, पावापुरी, गया और भागलपुर मेडिकल काॅलेज के सैंपल की जांच का जिम्मा मिला है।
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