नक्सलवाद के हमले में अपने बड़े नेताओं को खोया है कांग्रेस ने : राहुल गांधी

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जगदलपुर ।  प्रथम चरण के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बस्तर संभाग के जगदलपुर और चारामा में जनसभा की। उन्होंने प्रधानमंत्री के कांग्रेस पर आरोप का जवाब देते हुए कहा कि नक्सलवाद के चलते झीरम घाटी हमले में कांग्रेस ने अपने बड़े नेताओं को खोया है। वह कांग्रेस नक्सलियों का समर्थन कैसे कर सकती है। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री भले ही जनता को बरगलाने की कोशिश करें, लेकिन जनता सच जानती है।

उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर कई सौगातें देने की भी घोषणा की। वहीं एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल ने भाषण की शुरुआत मोदी पर निशाना साथ कर किया। उन्होंने मोदी पर राफेल डील में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। राहुल को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लाल बाग मैदान में लोगों की भीड़ उमड़ी। इसी मैदान में शुक्रवार को भाजपा के स्टार प्रचारक मोदी ने भी जनसभा की थी।

राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी की यहां सरकार आने वाली है। मैं आपसे झूठा वादा करने नहीं आया। छत्तीसगढ़ के किसानों को कहता हूं आप सबेरे चार बजे उठते हो मेहनत करते हो। 10 दिन के भीतर कांग्रेस पार्टी आप का सारा कर्ज माफ कर देगी। रमन सिंह ने किसानों का बोनस छीना कांग्रेस पार्टी आप को बोनस देगी। जिन किसानों को दो साल का बोनस नहीं दिया गया। कांग्रेस पार्टी उन दो सालों का बोनस भी देगी।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार फूड प्रोसेसिंग यूनिट खोलेगी, हर ब्लाक जिले में जाकर अपनी सब्जियां फल फूड प्रोसेसिंग यूनिट में देगा। वहां किसानों के बेटों को भी रोजगार मिलेगा। राहुल ने कहा, “हम पंजाब की तरह छत्तीसगढ़ को कृषि का सेक्टर बनाना चाहते हैं, वहां छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार देंगे।”

कांग्रेस प्रमुख ने आदिवासियों और किसानों की जमीन अधिग्रहण पर मोदी और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पेसा कानून के तहत आदिवासियों को उनकी जमीन का हक देंगे। किसान को बगैर पूछे जमीन नहीं ली जाएगी। अगर किसान ने जमीन देने का मन बनाया तो बाजार से 4 गुना दर पर पैसा देंगे। मोदीजी आए, रमन सिंह आए तो आदिवासी किसानों को बगैर पूछे उनकी जमीन छीनी जाने लगी। हमारी सरकार आएगी फिर हम कानून लाएंगे। अगर किसान की जमीन ली गई और अगर पांच साल तक उद्योग लगा नहीं तो जमीन किसान को वापस की जाएगी।”

राहुल ने कहा कि यहां टाटा स्टील प्लांट के लिए सरकार ने आदिवासियों से उनकी जमीनें छीनकर टाटा को जमीन दे दी, लेकिन सालों बीत गए, यहां टाटा ने कुछ भी नहीं किया। कांग्रेस की सरकार बनते ही टाटा स्टील प्लांट के लिए जो 4 हजार एकड़ जमीन सरकार ने ली, उसे सरकार बनते तत्काल वापस किया जाएगा।

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