देश में 7 फीसदी, दिल्‍ली में दिवाली के बाद दोगुना बढ़ा डेंगू

देश में 7 फीसदी, दिल्‍ली में दिवाली के बाद दोगुना बढ़ा डेंगू

 

 

डेंगू का डंक देशभर में बढ़ता ही जा रहा है. ताजा आंकड़ों में देश में डेंगू के मरीजों की संख्‍या पिछले साल के मुकाबले 7 फीसदी ज्‍यादा हो गई है. वहीं देश की राजधानी में डेंगू के मामले पिछले साल की तुलना में दोगुने हो गए हैं.

डायरेक्‍ट्रेट जनरल ऑफ पब्लिक हेल्‍थ, मिनिस्‍ट्री ऑफ हेल्‍थ एंड फैमिली वेलफेयर के नेशनल वेक्‍टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देशभर में इस साल कुल 140910 मामले सामने आए हैं. जबकि पिछले साल 129166 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी.

बता दें कि दिल्ली में हर साल होने वाले डेंगू के विस्‍फोट के बावजूद हालात और भी खराब हैं. आंकड़े बताते हैं कि दिल्‍ली में इस बार 8549 रोगियों में डेंगू की पुष्टि हुई है. यह संख्‍या पिछले साल के 4431 मामलों से लगभग दोगुनी है. हालांकि मौतों का आंकड़ा पिछले साल के 10 के मुकाबले इस साल 4 है.

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फाइल फोटो.

दिल्‍ली सरकार की ओर से दिए गए स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के आश्‍वासन के बावजूद हालात संभलने का नाम नहीं ले रहे. हालांकि डेंगू से होने वाली मौतों में कुछ कमी आई है. इस साल देशभर में डेंगू से कुल 216 मौतें हुई हैं. जिनकी संख्‍या पिछले साल 245 थी.

लगातार बढ़ रहे मामलों के बावजूद दिल्‍ली सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है. दिल्‍ली सरकार में एडिशनल डायरेक्‍टर जनरल पब्लिक हेल्‍थ एस एम रहेजा से दिल्‍ली में डेंगू के मरीजों की संख्‍या के आंकड़ों के बारे में बात की गई तो वे नाराज हो गए. उनका कहना था कि दिल्‍ली में चिकनगुनिया के आंकड़े क्‍यों नहीं दिखाए जा रहे जो कम हुए हैं. पिछले साल के डेंगू के 4431 मामलों के मुकाबले इस साल बढ़कर हुए 8549 मामलों पर उन्‍होंने कहा कि इनमें ज्‍यादातर बाहर के मरीज हैं. उनका कहना था कि दिल्‍ली के सिर्फ 4375 मरीज हैं तो फिर सभी मरीजों को दिल्‍ली का क्‍यों कहा जा रहा है.

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दिल्‍ली में डेंगू से मौत

रहेजा ने जोर देकर कहा कि दिल्‍ली में डेंगू के मरीजों की संख्‍या पिछले साल के मुकाबले कम हुई है. हालांकि दिल्‍ली सरकार के प्रतिनिधि की ओर से कही जा रही बात दिल्‍ली नगर निगम और नेशनल वेक्‍टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (मिनिस्‍ट्री ऑफ हेल्‍थ एंड फैमिली वेलफेयर) की ओर से जारी आंकड़ों से इत्‍तेफाक नहीं रखती.

एमसीडी के स्‍वामी दयानंद अस्‍पताल के डॉ. ग्‍लैडविन त्‍यागी का कहना है कि डेंगू का जो समय होता था वो सितंबर होता था और दिवाली आते-आते डेंगू खत्‍म हो जाता था. लेकिन इस बार मौसम की वजह से और बारिश न होने से दिवाली के बाद का मौसम डेंगू के लिए अनुकूल रहा.

इसके साथ ही जुलाई से सितंबर तक तो लोगों ने भी सफाई का ध्‍यान रखा, ब्रीडिंग नहीं होने दी. लार्वा नहीं पनपने दिया और सफाई रखी, लेकिन उसके बाद दिवाली आई और ये सफाई अभियान आदि बंद हो गए. तापमान कुछ ठंडा लेकिन मच्‍छरों के अनुकूल हो गया. यही वजह रही कि डेंगू ने बैक किया और दिवाली के बाद अचानक डेंगू का प्रकोप बढ़ गया. हालांकि चार-पांच दिन पहले फिर तापमान गिरने से डेंगू के मरीजों में कमी आई है.

बता दें कि देशभर में इस साल डेंगू  के कुल 1 लाख 40 हजार 910 मामले सामने आए हैं.  इनमें सबसे ज्‍यादा मामले तमिलनाडू में 20141 मामले हैं, जबकि केरल में 19543, कर्नाटक में 15570 और पंजाब में 14049 डेंगू  के केस मिले हैं.

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