नई दिल्ली , नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के लिए अगले महीने बड़ी मुश्किल आने वाली है। दरअसल, अगले महीने 2 अप्रैल से देश के 10 लाख डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। बता दें कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉक्टर्स और मेडिकल स्टूडेंट्स द्वारा नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल का विरोध किया जा रहा है। यह हड़ताल इसी बिल के खिलाफ है।
मेगा स्ट्राइक पर जाने का प्रस्ताव दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित हुई महापंचायत में पास किया गया है। आईएमए द्वारा एनएमसी बिल के मसौदे का शुरू से ही विरोध किया जा रहा है। यह बिल पास होने के बाद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जगह नए ढांचे का निर्माण किया जाएगा। डॉक्टरों का दावा है कि इससे डॉक्टरी के पेशे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि का कहना है, सरकार से हमारी मांगें बेहद ही साधारण हैं। हम चाहते हैं कि देश की हेल्थ पॉलिसी के ऊपर फैसला लेते समय हमें भी शामिल किया जाए। हमें शामिल किए बिना ही आप नेशनल कमीशन बिल लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बिल अलोकतांत्रिक, संघ विरोधी और स्टूडेंट विरोधी है। यह बिल मूल रूप से अमीर लोगों को आरक्षण देने का काम करेगा। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
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