दुनिया का सबसे ऊंचा 70 मंजिल का चंद्रोदय मंदिर संकट में, इस मंदिर की ये होंगी खूबियां, देखें वीडियो

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मथुरा में बननेवाले चंद्रोदय मंदिर समिति की प्लानिंग इसे दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर बनाने की है। यह मंदिर बनेगा तो मथुरा में लेकिन इसे बनवा रहा है बेंगलुरु स्थित इस्कॉन टेंपल। इस मंदिर के बनने की खबर के बाद जहां श्रीकृष्ण के भक्त खुशी से फूले नहीं समा रहे थे वहीं, अब अब हो सकता है कि इस मंदिर का प्रॉजेक्ट मझधार में अटक जाए। दरअसल, इस मंदिर के निर्माण पर रोक के लिए एनजीटी में याचिका दायर की गई है।

सूत्रों के मुताबिक, एनजीटी (नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) में याचिका दाखिल कर पर्यावरण कार्यकर्ता मणिकेश चतुर्वेदी ने रोक लगाने की मांग की है। याचिका के बाद एनजीटी द्वारा धार्मिक सोसायटी और केंद्रीय ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी को नोटिस जारी किया गया है। एनजीटी में दाखिल याचिक में कहा गया है कि मथुरा के वृंदावन में इस्कॉन द्वारा बनाए जानेवाले चंद्रोदय मंदिर के निर्माण से यमुना के भूजल स्तर पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

याचिका में आगे कहा गया है कि यमुना किनारे बनाए जा रहे 70 माले के इस मंदिर को 5.40 लाख वर्गफीट में बनाया जा रहा है। इस मंदिर के परिसर के चारों तरफ कृत्रिम तालाब बनाए जाने की योजना है और इस तालाब के निर्माण से यमुना का जलस्तर प्रभावित हो सकता है।

याचिका पर संज्ञान लेते हुए नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षतावाली पीठ ने इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्ण कॉन्सिसनेस) और सीजीडब्लयूए (सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी) को नोटिस जारी कर 31 जुलाई तक जवाब देने के लिए कहा है।

ऐसे रखी गई मंदिर की नींव
मंदिर बनाने के प्रस्ताव के बाद साल 2014 में उत्तरप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादन ने मंदिर का शिलान्यास किया था। मंदिर का भूमि पूजन मथुरा की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी द्वारा किया गया था। मंदिर सोसायटी द्वारा 2022 तक इस मंदिर का निर्माण पूरा करने की योजना है।

मंदिर बनने पर ये होंगी खूबियां
तय योजना के अनुसार अगर मंदिर का निर्माण होता है तो इस मंदिर में कई ऐसी खूबियां होंगी, जो इसे दूसरे मंदिरों से जुदा करेंगी।

इस मंदिर में 70 मंजिलें होंगी और इसकी कुल ऊंचाई 212 मीटर होगी। इसे इस तरह भी समझ सकते हैं कि यह दिल्ली स्थित कुतुब मीनार से करीब 3 गुना ऊंचा होगा।

इस मंदिर को बनाने में 300 से 500 करोड़ रुपए तक की लागत आने का अनुमान है। यह मंदिर 5.40 लाख वर्ग फीट में बनेगा और इसमें 12 वन भी बनाए जाएंगे, जिन्हें कृष्ण कालीन (द्वापर युग) रूप दिया जाएगा।

यह मिश्र के पिरामिड और वेटिकन स्थित सेंट पीटर्स बैसोलिका से भी ऊंचा होगा। साथ ही दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में 12वें नंबर पर इसकी गिनती होगी।

यह दुबई स्थित बुर्ज खलीफा से भी अधिक गहरा होगा। बुर्ज खलीफा की गहराई 50 मीटर है और चंद्रोदय मंदिर 55 मीटर गहरा होगा।
इस मंदिर की बिल्डिंग भूकंप प्रतिरोधी होगी। मंदिर में करीब 12 एकड़ जमीन पर पार्किंग और हैलीपैड बनाने की भी योजना है।

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