दिल्ली हिंसा – हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने किया दौरा

दिल्ली हिंसा – हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने किया दौरा

नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों ने गुरुवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। मुख्यमंत्री के अलावा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, राज्यसभा में पार्टी के सांसद संजय सिंह एवं अन्य वरिष्ठ नेता ने अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से मुलाकात की। केजरीवाल ने कहा, “बाबरपुर के स्थानीय विधायक एवं मंत्री गोपाल राय के साथ हमने प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से मुलाकात की है।” गौरतलब है कि बाबरपुर विधानसभा के मौजपुर में बीते 3 दिनों के दौरान जमकर हिंसा हुई है।

उपमुख्यमंत्री ने मुस्तफाबाद इलाके में जाकर हिंसा का शिकार हुए लोगों, स्थानीय अधिकारियों एवं राहत कार्य में जुटे लोगों से मुलाकात की। वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गांधीनगर इलाके में सद्भावना मार्च निकाला।

सद्भावना मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। मार्च के दौरान संजय सिंह समेत अन्य लोगों ने ‘हिंदू मुस्लिम सिख इसाई, आपस में हैं भाई भाई’, ‘गांधी तेरे देश में अमन नहीं टूटने देंगे’ जैसे नारे लगाए। गांधीनगर में पैदल मार्च के बाद संजय सिंह ने स्थानीय लोगों के साथ एक छोटी सभा भी की, जिसमें उन्होंने सभी लोगों से शांति बनाए रखने और इस कठिन समय में संयम रखने को कहा।

उधर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में डीटीसी बस के एक मार्शल की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। मार्शल ने उपद्रव फैला रहे हिंसक तत्वों से जूझकर बस में मौजूद लोगों की जान बचाई। बस में सवार यात्रियों ने भी मार्शल के सुझाव पर अमल किया, जिससे वे सुरक्षित निकल सके। मार्शल की सूझबूझ व साहस के लिए दिल्ली सरकार ने उसे सम्मानित करने का फैसला लिया है।

दिल्ली की सरकारी बस में तैनात मार्शल गुलशन कुमार ने मंगलवार को अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए हिंसा के दौरान 20 यात्रियों की जान बचाई। दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी ने गुलशन कुमार के जज्बे को सलाम पेश किया है।

दिल्ली सरकार के मुताबिक, भजनपुरा में भीड़ द्वारा बस को घेरे जाने पर मार्शल गुलशन ने बस के दोनों दरवाजे बंद करबाए और सभी यात्रियों को सीट से उठकर को फर्श पर लेट जाने को कहा। सभी यात्रियों ने तुरंत गुलशन की सलाह पर अमल किया। उपद्रवियों की तमाम कोशिश के बाद भी गुलशन ने बस के दरवाजे नहीं खोले।

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