दिल्ली में 5.2 एकड़ जमीन पर ‘रोहिंग्या’ का अवैध कब्जा

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देश में एनआरसी का विरोध किया जाता है। लेकिन, इधर रोहिंग्या मुसलमान लगातार पाँव पसारते जा रहे हैं। अब दिल्ली में एक बड़े इलाक़े पर उनका कब्जा है। मदनपुर खादर में इन रोहिंग्या मुसलमानों ने 5.2 एकड़ जमीन को अवैध रूप से कब्जा रखा है। आरोप है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहे अमानतुल्लाह ख़ान ने अपने लैटर हेड के जरिए इन सभी का आधार कार्ड बनवाया और इन्हें यहाँ बसाया।

लॉक डाउन के चलते जब हज़ारों की संख्या में मजदूर दिल्ली से पलायन कर रहे थे, तब यही चर्चा थी कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पलायन करते मजदूरों की आड़ में रोहिंग्यों को बचा रहे हैं, जो ‘दैनिक भास्कर’ से सिद्ध भी हो गया। जो प्रमाणित करता है कि केजरीवाल को किसी भारतीय से अधिक रोहिंग्यों की चिंता है। दूसरे यह कि यह इस बात को भी प्रमाणित करता है कि शाहीन बाग़ में भारतीय मुसलमान नहीं, इन छद्दम देशप्रेमियों के संरक्षण में रोहिग्या मुसलमान थे।

‘दैनिक भास्कर’ में प्रकाशित तोषी शर्मा की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, ये रोहिंग्या मुस्लमान दिल्ली की उस जमीन अवैध रूप से कब्जा कर बस गए हैं और साथ ही सारी सरकारी सुविधाओं का भी फायदा उठा रहे हैं। ओखला के विधायक और आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह ख़ान इस वक़्त उन सबके सबसे बड़े मददगार हैं, जिन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों को राशन-पानी से लेकर अन्य मदद मुहैया कराने के लिए दिन-रात एक की हुई है।

ख़बर के अनुसार, रोहिंग्या यहाँ कोई भी काम वैध तरीके से नहीं करते। यहाँ तक कि लाइट भी चोरी की यूज की जाती है, जिससे विद्युत् विभाग को चपत लगती है। पीने का पानी के लिए अवैध बोरिंग की व्यवस्था की गई है। स्थिति ये है कि जहाँ अवैध रूप से रह रहे ये रोहिंग्या मुसलमान मजे में हैं, आसपास के क्षेत्रों में झुग्गियों में रह रहे मजदूर राशन-पानी को तरस रहे हैं और उनकी कोई सुनने वाला भी नहीं है।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ये बातें कही थी कि रोहिंग्या मुसलमान भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हैं और उन्हें बाहर किया जाना चाहिए। आए दिन कई आपराधिक वारदातों में भी इनकी संलिप्तता सामने आती रहती है। यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस-प्रशासन के कुछ लोगों के साथ भी रोहिंग्या मुसलमानों की मिलीभगत है। ‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट की मानें तो कालिंदी कुञ्ज थाना रोहिंग्या मुसलमानों के स्मैक, गाँजा और अन्य मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर अंकुश नहीं लगा रहा है।

‘रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन’ का कहना है कि उसने कई बार यहाँ के अवैध बस्ती को हटाने के लिए गुहार लगाई है। 5.2 एकड़ की इस जमीन का खसरा नंबर 612 है और इसकी कीमत सैकड़ों करोड़ बताई जाती है। आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा यहाँ राशन-पानी वितरित करना और रोहिन्या मुसलमानों की मदद करने के पीछे ये निहितार्थ भी निकाला जा सकता है कि इन्हें दिल्ली की सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। अधिकतर रोहिंग्या बांग्लादेशी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ये सारी बसावट आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ख़ान की देन है। ये सारे रोहिंग्या मुसलमान पहले कंचन कुञ्ज में एक जमीन पर रह रहे थे। स्थानीय लोगों की मानें तो 300 रोहिंग्या मुसलमानों को योजनाबद्ध तरीके से अमानतुल्लाह ख़ान ने एक साजिश के तहत यहाँ बसाया। इससे पहले कपिल मिश्रा भी दिल्ली सरकार के मुखिया अरविन्द केजरीवाल को रोहिंग्या प्रेमी बता चुके हैं।

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