नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राजधानी की लगभग 1800 अनधिकृत कॉलोनियों को मंजूरी दे दी है। इससे 40 लाख लोगों को फायदा होगा, जो इनमें रहते हैं। इसे अगले साल दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा दांव माना जा रहा है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बुधवार शाम ट्वीट कर फैसले की जानकारी दी।
एलजी बैजल ने बताया कि पीएम-उदय यानी प्रधानमंत्री अनऑथराइज्ड कॉलोनीज इन दिल्ली आवास अधिकार योजना के तहत इसे मंजूरी दी गई है। साथ ही धारा 81 के तहत सभी दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। इसके अलावा राजधानी के 79 गांवों के शहरीकरण को भी मंजूरी मिली है। सरकार के मुताबिक दिल्ली में कुल 1797 अनधिकृत कॉलोनियां हैं।
इन सभी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को केंद्र सरकार की इस पहल का लाभ मिलेगा। केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद इन अवैध कॉलोनियों को वैधता मिल गई है। केंद्र की अंतिम मंजूरी के बाद इन कॉलोनियों में रह रहे लोगों को घरों के रजिस्ट्रेशन की इजाजत दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों इन कॉलोनियों के निवासियों से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि इन कॉलोनियों को 5 वर्षों की कोशिशों के बाद हाल ही में नियमित करने की घोषणा की गई। जल्द ही कानून बनाकर इस फैसले को लागू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के सांसदों ने संसद में अनधिकृत कॉलोनियों की मंजूरी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
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