रिपोर्ट गोल्डन कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर। इस्लाम में बढ़ती सामाजिक बुराइयों पर नगर के इस्लाम धर्म से जुड़े लोग चिंता जताना शुरू कर दिया है। इसमें मुस्लिम समाज के लोगों में दहेज को लेकर बढ़ रही लालच से समाज में बुराई के साथ इस्लाम धर्म के लोग इसे नाजायज करार देते हुए विनाश का कारण बता रहे है।
पडरौना नगर के दारुल उलूम अंजुमन इस्लामिया के नाजिम इंजीनियर शकिरुल्लाह अंसारी ने देशभर के सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं से अपील करते हुए कहा कि मुस्लिम धर्म से जुड़े लोगों में निकाह में दहेज बैंड,बाजा,डीजे, आतिशबाजी के शौकीन रखने वाले मुस्लिम लोगों के घर मौलवी या काजी निकाह न पढ़ाएं ।
उन्होंने कहा कि निकाह के नाम पर गैर सरई कामों को अंजाम दिया जा रहा है.जो इस्लाम नहीं मानता। इस्लाम धर्म में लड़की वालों से दहेज की मांग की जा रही है.जिसे इस्लाम में सही नहीं ठहराया जा सकता है। ऐसे में दहेज की मांग करने वाले मुसलमानों के बेटों की शादी पर रोक लगना चाहिए। इतना ही नहीं मुस्लिमों में शादी के दौरान डीजे,ढोल,बाजे और आतिशबाजी इस्लाम धर्म में पूरी तरह से नाजायज है। अन्य धर्मों में दहेज का चलन इतना बढ़ गया है.कि इसके लिए बेटियों की शादी में रुकावट पैदा होना चालू हो गई है। ऐसे मुसलमान भी इसका खुला उपयोग कर रहे हैं जो कतई सही नहीं है। दहेज को लेकर बहन बेटियों की आत्महत्या से लेकर हत्या जैसे कारण बनता जा रहा है।
उन्होंने अहमदाबाद की आयशा की घटना से मुस्लिम समाज को सीख लेने की अपील की। उन्होंने मुस्लिम समाज में दहेज प्रथा को खत्म करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाने के लिए कमेटी की गठन करने पर विचार करना होगा । उन्होंने बिना दहेज की शादी करने के लिए मुस्लिम धर्म से जुड़े लोगों को मुस्लिम धर्म गुरुओं के साथ सम्मेलन कर समाज में परिवर्तन करने का फैसला लिया है।
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