मुंबई। रिलायंस अनिल धीरुभाई अंबानी (एडीएजी) समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने सोमवार को कहा कि रिलायंस पावर वस्तुत: जोरदार परिचालन व वित्तीय प्रदर्शन करने की स्थिति में है। रिलायंस पावर की सालाना आम बैठक को संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा कि करीब 6,000 मेगावाट के ऑपरेटिंग पोर्टफोलियो के साथ कंपनी तीन शीर्ष बिजली उत्पादन कंपनियों में शुमार है।
उन्होंने कहा, “मेरे प्रिय साथी अंशधारकों, रिलायंस पावर आदर्श रूप से जोरदार परिचालन व वित्तीय प्रदर्शन जारी रखने की स्थिति में है।”
उन्होंने कहा कि कंपनी का ध्यान अब बांग्लादेश में गैस आधारित 1,500 मेगावाट की परियोजना के दूसरे चरण का विकास करने पर है।
कंपनी ने बांग्लादेश में 3,000 मेगावाट की गैस आधारित परियोजनाएं विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
रिलायंस पावर के चेयरमैन ने कहा कि इन विकास कार्यो के साथ कंपनी यूएस एक्जिम बैंक के 2,400 करोड़ रुपये का कर्ज चुकता करने में समर्थ होगी।
अंबानी ने कहा, “बांग्लादेश में प्रथम चरण के विकास को रफ्तार प्रदान करने के बाद रिलायंस पावर का फोकस अब 1,500 मेगावाट के दूसरे चरण के विकास पर है। कंपनी ने 3,000 मेगावाट की गैस आधारित परियोजनाएं स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इन विकास कार्यो के साथ रिलायंस पावर यूएस एक्जिम बैंक के करीब 2,400 करोड़ रुपये का कर्ज पूरी तरह चुकता करने में सक्षम होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कंपनी ने बांग्लादेश में पहले 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी लागत के साथ गैस आधारित बिजली संयंत्र के पहले 750 मेगावाट के पहले चरण के लिए बिजली की खरीद और गैस की आपूर्ति के लिए करार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने जापान की सबसे बड़ी पावर युटिलिटी कंपनी जेईआरए के साथ संयुक्त उपक्रम करार पर हस्ताक्षर किए हैं।
रिलायंस पावर के चेयरमैन ने कहा, “हर प्रतिकूल परिस्थिति को अवसर में बदलने की समूह के डीएनए को ध्यान में रखते हुए रिलायंस पावर ने समालकोट में संकट में फंसी गैस आधारित परिसंपत्ति की चुनौतियों को सफलतापूर्वक बांग्लादेश में एक अवसर के रूप में तब्दील कर दिया।”
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