कानपुर, पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके विकास दुबे की बहू अंजलि दुबे समेत चार और लोगों के असलहा लाइसेंस डीएम आलोक तिवारी ने रद कर दिए हैं। इससे पहले 24 करीबियों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। उधर, विकास दुबे के असलहा लाइसेंस की गायब फाइल मामले में अब सीबीसीआइडी जांच कराने की तैयारी है। मंगलवार को जिन चार लोगों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, उनमें अंजलि के साथ ही बाबू सिंह, अखिलेश कुमार व रामचंद्र भी शामिल हैं।
बिकरू गांव में दबिश देने गए सीओ बिल्हौर समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद मुठभेड़ में विकास दुबे और उसके सहयोगी मारे गए थे। इसके बाद विकास दुबे व उसके सहयोगियों के असलहा लाइसेंस की जांच हुई। पुलिस ने लाइसेंस रद करने की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी। एक के बाद एक असलहा लाइसेंस सुनवाई में रद किए गए। अब तक जिन लोगों के लाइसेंस रद किए गए हैं, उनमें जिला पंचायत सदस्य अरविंद उर्फ गुड्डन त्रिवेदी के दो, रीता दुबे, सतेंद्र कुमार, अखिलेश कुमार, रविप्रकाश, जय वाजपेयी, नीरज, छोटे बउवा आदि शामिल हैं।
विकास दुबे के 28 सहयोगियों के पास 29 लाइसेंस थे। सभी लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। इनमें से एक दर्जन ऐसे लाइसेंस थे, जो झूठे शपथ पत्र और गलत तथ्यों के आधार पर बने थे। विकास दुबे और उनके सहयोगियों ने अपने आपराधिक इतिहास को छिपा लिया था। ये बात एसआइटी की जांच में भी सामने आ चुकी है। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया है। विकास दुबे के असलहा लाइसेंस की एक फाइल गायब है। उस मामले की जांच सीबीसीआइडी से जल्द ही कराने की तैयारी है।
वितुल दुबे अब तक फरार
बिकरू कांड का आरोपित वितुल दुबे अब तक फरार है। पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम रखा है। वितुल के पकड़े जाने पर पुलिस उसके बारे में जानकारी देने वाले उमाशंकर यादव के खिलाफ पूरक चार्जशीट पेश करेगी। वितुल एनकाउंटर में मारे जा चुके अतुल दुबे का बेटा है।
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