टीडीपी सरकार नहीं दे रही आंध्र विधानमंडल के सदस्यों के सवालों के जवाब

टीडीपी सरकार नहीं दे रही आंध्र विधानमंडल के सदस्यों के सवालों के जवाब

 

 

आंध्र प्रदेश विधानमंडल के सदस्य आजकल काफी व्यथित नजर आ रहे हैं और सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्टियों के विधायक मौजूदा स्थिति के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

एक तरफ विधानमंडल के सत्र साल के कुछ ही दिन आयोजित किए जा रहे हैं और दूसरी तरफ विधानसभा और विधान परिषद में सदस्यों की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों पर सरकार एक तरह से कोई जवाब नहीं दे रही. साल 2014 से अब तक 14वीं विधानसभा के नौ सत्रों में सदन की कार्यवाही महज 80 दिन चली है. 10वां सत्र अभी जारी है और यह 10 दिनों के लिए होगा.

सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पर आरोप लगा रही है कि वह नियमित तौर पर सदन की कार्यवाही बाधित करती है, जबकि वाईएसआर कांग्रेस का कहना है कि तेदेपा सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है. बहरहाल, मौजूदा सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही बाधित नहीं होगी, क्योंकि जगनमोहन रेड्डी की अगुवाई वाली विपक्षी पार्टी ने सदन से दूरी बना ली है.

पिछले कुछ सत्रों से दोनों सदनों के सदस्यों की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब कई कारणों से नहीं मिल पा रहे हैं. विधानमंडल के सूत्रों ने बताया कि विधानसभा में सदस्यों की ओर से किए गए करीब 296 सवालों पर सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया.विधान परिषद में अनुत्तरित सवालों की संख्या करीब 603 है जबकि उच्च सदन की कार्यवाही तुलनात्मक रूप से सुचारू ढंग से चलती है. लोक लेखा समिति के अध्यक्ष बुग्गना राजेंद्रनाथ रेड्डी ने आरोप लगाया, ‘इस सरकार में कोई जवाबदेही नहीं है और जैसे सदन को चलाया जाना चाहिए, वैसे नहीं चलाया जा रहा है. सरकार नियमों एवं जिम्मेदारियों से भाग रही है.

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