‘ज्वेलरी शॉप’ में सोना-चांदी की जगह बेच रहा ये शख्स आलू-प्याज

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जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के हुकमचंद सोनी पिछले 25 साल से आभूषणों के बीच घिरे रहते थे। आभूषणों की मरम्मत करना, बेचना ये उनका काम था, लेकिन अब सोने चांदी की जगह आलू-प्याज ने ली है। हुकुमचंद लॉकडाउन के चलते अब अपनी दुकान में सब्जियां बेचने को मजबूर हो गए हैं। रामनगर इलाके में रहने के वाले हुकुमचंद सोनी का कहना है कि लॉकडाउन के कारण उपजे आजीविका संकट ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया है।

हुकुमचंद की दुकान ‘जीपी ज्वेलरी शॉप’ में आभूषणों की जगह अब तरह-तरह की सब्जियों ने ले ली और सोने चांदी के बजाय अब आलू प्याज के मोल भाव व तोल करते हैं. सोनी ने बताया,’ मैं चार दिन से अपनी दुकान में सब्जियां बेच रहा हूं। अब रोजी रोटी का यही तरीका सूझा है। मेरे पास ज्यादा पैसा तो है नहीं इसलिए थोड़े से निवेश से फौरी तौर पर यह नया काम शुरू कर दिया है।’ हुकमचंद सोनी यह दुकान अकेले ही चलाते हैं और उनका कहना है कि इससे उनके परिवार का खर्चा-पानी आसानी से चल रहा है।

हुकमचंद सोनी ने कहा, “हम पिछले कई दिनों से घर बैठे हैं. कोई कमाई नहीं है और कोई बड़ी बचत नहीं है। हमें पैसा और खाना कौन देगा? मैं अंगूठी जैसे छोटे आभूषण बनाता और बेचता था और टूटे आभूषणों की मरम्मत भी कर रहा था. हुकमचंद सोनी ने कहा कि लॉकडाउन के कारण वे तथा उनके जैसे अन्य दुकानदार निश्चित रूप से नुकसान झेल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, वह परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि आभूषण निर्माता से सब्जी विक्रेता बनना कोई आसान निर्णय नहीं था लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं था।

हुकमचंद सोनी ने कहा, ‘घर पर खाली बैठे रहने से अच्छा है कि कुछ किया जाए. दुकान का किराया देना और अपनी मां व गुजर चुके छोटे भाई के परिवार को पालना है। कुछ तो करना ही है. वे कहते हैं,’मेरे लिए तो कर्म ही पूजा है।’ उन्होंने बताया कि अब वह रोज मंडी से सब्जी लाते हैं और किराये की इस दुकान पर बैठकर सब्जियां बेचते हैं।

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