ज्योतिष ने की भविष्यवाणी, तो क्या सच में मोदी को है जान का खतरा ?

Prime Minister Narendra Modi  द्वारा काले धन के मुद्दे पर अपनी जान के खतरे को लेकर जो बयान दिया है, वो जान का खतरा प्रधानमंत्री बनने के बाद से नहीं बल्कि उस दिन से है जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। प्रधानमंत्री बनने से पहले भी नरेंद्र मोदी को जान का खतरा था. दो बार उन्हें जान से मारने का प्रयास किया गया है। लेकिन दोनों ही बार मोदी को मारने की साजिश कामयाब नहीं हुई। सबसे पहले वर्ष 2004 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उनको मारने की साजिश हुई थी।

क्या कहती है उनकी कुण्डलीः

नरेंद्र मोदी का जन्म 17.9.1950 में मेहसाणा में हुआ था। उनकी राशी वृश्चिक है, और पंडितों के अनुसार उनकी राशी में शनि का गोचर है। उनकी कुण्डली में चन्द्रमा नीच का एवं मंगल उसके साथ ही स्थित है। नरेंद्र मोदी का शनि गोचर बहुत जल्द उतरने वाला है। एक भविष्य वाणी के अनुसार मोदी का शनि गोचर 27.1,2017 को उतर जाएगा। और जैसे ही शनि मोदी की कुण्डली से निकाशी करेगा वैसे ही मोदी पहले से भी ज्यादा प्रभावशाली नेता बन जाएगे। और आगे आने वाले राज्यों के चुनाव में उनकी पार्टी को उनकी वजह से ज्यादा सफलताएं प्राप्त होंगी।

आज दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा नरेंद्र मोदी की होती है। नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नोट-बंदी करके भारत की मीडिया में ही नहीं विश्व भर की मीडिया में खूब सुर्खियाँ बटोरी है। यहाँ तक की पाकिस्तान की मीडिया भी मोदी की तारीफ में चुकी नहीं। एक रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र मोदी के नोट बंद करने के बाद उनकी जान को बहुत ही ज्यादा खतरा बढ़ गया है। योग गुरु बाबा रामदेव ने भी कुछ नाम बताये थे जिनकी वजह से नरेंद्र मोदी की जान को खतरा है। खतरा अभी का नहीं है!

पहले भी हमले हो चुके है मोदी पर
शायद आप समझ रहे होंगे की नरेंद्र मोदी पर अभी जान का खतरा बढ़ा है तो आपको यह गलतफहमी हो सकती हैं। नरेंद्र मोदी की जान को खतरा तब से है जब वो गुजरात के प्रधानमन्त्री हुआ करते थे। आपको शायद याद होगा 2002 में एक गुजरात दंगा हुआ था। 2002 के दंगे के बाद नरेंद्र मोदी के दुश्मनों की संख्या बढती गई। नरेंद्र मोदी ने फिर भी हार नहीं मानी और अपने काम में लगे रहे पर इसी बीच मोदी के दुश्मन निरंतर बढ़ते गये।1-ीउसं

2004 में हुआ था पहला हमला
नरेंद्र मोदी पर 2004 में पहला हमला हुआ जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उसके बाद नरेंद्र मोदी पर एक और हमला किया गया पर मोदी पर हमला करने में दोनों कोशिश बेकार गई। अमेरिकी आंतकवादी डेविड हेडली ने शिकागो में भारतीय अधिकारीयों को बताया की गुजरात मुठभेड़ में मारी जाने वाली इशरत जहाँ, आंतकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की सदस्य थी। और उसे नरेंद्र मोदी को मारने के लिए भेजा गया था।
पटना में हुआ दूसरा हमला दृ नरेंद्र मोदी को मारने के लिए दुश्मनों ने प्रयास तो बहुत किये है। आपको याद होगा की 2014 में जब नरेंद्र मोदी पटना में रैली करने गये तब, गाँधी मैदान में लगातार बम फटे, पर नरेंद्र मोदी की जान बच गई थी। ऐसे में मोदी की आज भी सेक्युरिटी सबसे ज्यादा है।

 

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