1.नारी सीता नारी काली
नारी ही प्रेम करने वाली
नारी कोमल नारी कठोर
नारी बिन नर का कहां छोर
- दिन की रौशनी ख्वाबों को बनाने में गुजर गई,
रात की नींद बच्चे को सुलाने में गुजर गई,
जिस घर में मेरे नाम की तख्ती भी नहीं,
सारी उम्र उस घर को सजाने में गुजर गई।
3.नारी ही शक्ति है नर की,
नारी ही है शोभा घर की,
जो उसे उचित सम्मान मिले,
तो घर में खुशियों के फुल खिले।
- दुनिया की पहचान है औरत,
हर घर की जान है औरत,
बेटी, बहन, माँ और पत्नी बनकर,
घर घर की शान है औरत।
- घर को स्वर्ग बनाती नारी,
घर की इज्जत होती नारी,
देव भी करते जिसकी पूजा,
ऐसी प्यारी मूरत है नारी।
- हजारों फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए,
हजारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए,
हजारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए,
पर एक स्त्री अकेली है काफी है घर को स्वर्ग बनाने के लिए।
- मुस्कुराकर, दर्द भुलाकर,
रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी
हर पग को रोशन करने वाली,
वो शक्ति है एक नारी
- दुनिया की पहचान है औरत
दुनिया पर एहसान है औरत
हर घर की जान है औरत
बेटी, माँ, बहन, भाभी बनकर
घर-घर की शान है औरत
ना समझो इसको तुम कमज़ोर कभी, ये है रिश्तों की डोर
मर्यादा और सम्मान है औरत।
- तुम चहकती रहो
तम महकती रहो
तुम प्रेरणा बनकर
चमकती रहो
कभी बेटी बनकर
कभी बहन बनकर
कभी प्रेमिका बनकर
कभी पत्नी बनकर
खुशियों की बारिश करती रहो
जीवन के इस लंबे सफर में
मां बनकर मार्ग दर्शन करती रहो
- नारी एक मां है, उसकी पूजा करो
नारी एक बहन है, उसका स्नेह करो
नारी एक भाभी है, उसका आदर करो
नारी एक पत्नी है, उसको प्रेम करो
नारी एक दीदी है, उसका सम्मान करो
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