जून में पीक पर होगा कोरोना : स्वास्थ्य मंत्रालय

[object Promise]

नई दिल्ली। जब से मई का महीना शुरू हुआ है, कोरोना वायरस के मामलों की रफ्तार तेज गई है। महाराष्ट्र, गुजरात के बाद अब दिल्ली में बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल में ही दिल्ली एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने दावा किया कि जून में भारत में कोरोना के केस अपने चरम पर पहुंच सकते हैं। उनके इस दावे पर अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जवाब दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह कहा
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि अगर हम जरूरी सावधानियों को बरतेंगे और आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन करेंगे तो हम कोरोना वायरस के मामलों को चरम में पहुंचने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम आवश्यक सावधानी नहीं बरतते हैं और प्रक्रियाओं का पालन करते हैं, तो मामलों में तेजी आ सकती है।

क्या कहा था रणदीप गुलेरिया ने
एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि जिस तरीके से ट्रेंड दिख रहा है, कोरोना के केस जून में पीक पर होंगे। हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि बीमारी एक बार में ही खत्म हो जाएगी। हमें कोरोना के साथ जीना होगा। धीरे-धीरे कोरोना के मामलों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण फिर भी ये आंकड़े कम हैं वरना मामले बहुत ज्यादा बढ़ जाते। अस्पतालों ने लॉकडाउन में अपनी तैयारी कर ली है। डॉक्टर्स को प्रशिक्षण दिए गए हैं। पीपीई किट्स, वेंटिलेटर और जरूरी मेडिकल उपकरणों के इंतजाम हुए हैं। कोरोना की जांच बढ़ी है।

24 घंटों में 3,390 नए कोरोना केस
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देशभर में अब तक 16,540 लोग कोविड-19 बीमारी से ठीक हो चुके हैं और अभी 37,916 मरीजों का इलाज चल रहा है। अगरवाल ने कहा, ‘पिछले 24 घंटों में 3,390 नए केस आए तो 1,273 मरीज ठीक भी हुए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ठीक होने वाले की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यह खुशी की बात है।’ उन्होंने बताया कि गुरुवार तक के आंकड़ों के मुताबिक, 3.2% मरीज ऑक्सिजन सपॉर्ट पर हैं, 4.7% मरीजों को आईसीयू सपॉर्ट से संबंधित सेवाएं दी जा रही हैं और 1.1% मरीज वेंटिलेटर सपॉर्ट पर हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *