जम्मू । सीआरपीएफ के काफिले को हाईवे पर एक कार में आईईडी लगाकर निशाना बनाया गया। धमाके के बाद आतंकियों ने काफिले पर फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले में जिस बस को निशाना बनाया उसमे 35 जवान सवार थे। जब सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला तो आतंकी मौके से भाग निकले।
जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। जैश ने बयान जारी करते हुए कहा है कि यह एक फिदायीन हमला था। जिसे गुंडीबाग, पुलवामा के आतंकी आदिल अहमद ने किया है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में उरी से भी बड़ा आतंकी हमला हुआ है।
हमले में 20 जवानों के शहीद होने की आशंका है। हालांकि अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं कई जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हमला जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाकर किया गया है। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे।
यह हमला श्रीनगर-जम्मू हाईवे के अवंतीपोरा में गोरीपोरा इलाके में किया गया है। हमले में अब तक 20 जवानों के शहीद होने की आशंका है। वहीं दर्जनों जवान गंभीर रूप से घायल हैं। सीआरपीएफ का 2500 जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर की तरफ जा रहा था तभी ये हमला हुआ।
आईजी सीआरपीएफ रविदीप सिंह के मुताबिक, काफिले में कई बसें शामिल थीं, आतंकियों ने आईईडी लगाकर हमला किया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हमले पर शोक जताया। इसके साथ ही उन्होंने डीजी सीआरपीएफ से भी इस घटना को लेकर जानकारी ली।
संसद भवन पर हमला (दिसंबर, 2001), जम्मू-कश्मीर विधानसभा पर हमला (अक्टूबर 2001), इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण (दिसंबर 1999), अयोध्या और वाराणसी धमाके। नवंबर, 2007 में उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ द्वारा लखनऊ में गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह राहुल गांधी के अपहरण के लिए देश में आए थे।
2015 में जैश से संबंधित घटनाएं
-15 जनवरी – दक्षिणी कश्मीर के केलर इलाके के गाडरू जंगल क्षेत्र में पांच जैश के आतंकियों को सेना द्वारा एक मुठभेड़ में ढेर किया गया। मारे गए आतंकियों में से एक जैश कमांडर मोहम्मद तोइब था जो पाकिस्तान मुल्तान का रहने वाला था जबकि बाकी के चार स्थानीय आतंकी थे।
– 20 मार्च – जम्मू संभाग के कठुआ जिले के राजबाग पुलिस थाने पर सेना की वर्दी में फिदायीन हमला हुआ, जिसमें तीन जवान शहीद हुए। इसके अलावा एक स्थानीय नागरिक की भी इसमें मौत हुई। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकियों को भी ढेर किया गया, जबकि 10 लोग इस हमले में घायल हुए थे।
– 21 मार्च – दो आतंकियों ने जम्मू संभाग के सांबा जिले में सेना के एक कैंप पर हमला किया। सुरक्षा बलों ने दोनों को ढेर कर दिया।
– 27 जुलाई – दस लोगों सहित एक एसपी उस समय शहीद हो गए जब हथियारों से लैस तीन आतंकियों ने गुरदासपुर के दीना नगर थाने पर धावा बोला। मरने वालों में तीन आतंकी, तीन स्थानीय नागरिक और चार पुलिस कर्मी थे।
– 04 अक्टूबर – दक्षिणी कश्मीर के हारी परिगाम ट्त्राल में जैश के दो विदेशी आतंकियों को सेना ने मुठभेड़ के दौरान ढेर किया। इनकी पहचान आदिल पठान और बर्मी के तौर पर हुई थी।
– 25, नवंबर – उत्तरी कश्मीर के टंगधार में सेना के कैंप पर हुए आत्मघाती हमले में एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई, जबकि तीन आतंकियों को सेना द्वारा ढेर किया गया।
पुलवामा हमले पर पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह का ट्वीट- जवानों के खून की एक-एक बूंद का बदला लिया जाएगा
इस घटना के बाद नेताओं के बयान आने शुरू हो गए हैं। इसी सिलसिले में पूर्व सेना प्रमुख और गाजियाबाद से भाजपा सांसद जनरल वीके सिंह ने भी ट्वीट कर इस हमले को कायरतापूर्ण बताया है। उन्होंने ट्वीट किया, एक सैनिक और भारत का एक नागरिक होने के नाते इस तरह की कायरतापूर्ण हरकतों से मेरा खून खौलता है। सीआरपीएफ के 18 बहादुर जवानों ने पुलवामा में अपनी जान गंवा दी। मैं उनके निःस्वार्थ बलिदान को नमन करता हूं और ये वादा करता हूं कि जवानों के खून की एक-एक बूंद का बदला लिया जाएगा।
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