जम्मू-कश्मीर में शहीद के जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

जम्मू-कश्मीर में शहीद के जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

मुजफ्फरनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादियों से मुठभेड़ में लोहा लेते हुए मुजफ्फरनगर के एक और लाल ने शुक्रवार को अपने प्राणों की आहुति दे दी। बलिदानी सैनिक प्रशांत शर्मा की अंतिम यात्रा में रविवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा।

प्रशांत शर्मा का पार्थिव शरीर रविवार को उनके निवास पर लाया गया। सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा काली नदी के श्मशान घाट की ओर निकली। इस दौरान उनके घर के बाहर के साथ ही सड़क के दोनों ओर भारी भीड़ थी। यहां पर युवा हाथ में तिरंगा लेकर बलिदानी प्रशांत शर्मा को याद कर रहे थे। शहीद प्रशांत शर्मा के घर कैबिनेट मिनिस्टर सुरेश राणा के साथ डीएम व एसएसपी ने उनको अंतिम विदाई दी। शहीद की अंतिम यात्रा में मंत्रियों के साथ नगरवासी भी शामिल थे। रास्ते मे उनके सम्मान में युवाओं और लोगों की भीड़ जगह-जगह से शामिल हो रही थी। इस दौरान भारी पुलिस बल भी जगह-जगह लगाया गया। काली नदी शमशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के जूदर क्षेत्र में शुक्रवार की रात को एक सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के हमले में बलिदान हुए मुजफ्फरनगर के लाल प्रशांत शर्मा का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह उनके निवास स्‍थान बुढ़ाना मोड़ पर पहुंचा तो गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। वहां पर मौजूद लोग हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय के नारे लगाते दिखे।

इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राणा और अन्‍य वरिष्‍ठ अफसरों संग कई गणमान्‍य लोग मौजूद रहे। लोग प्रशांत की शहादत पर गर्व महसूस कर रहे थे, इस मुठभेड़ के दौरान प्रशांत और उनके साथियों ने तीन आतंकियों को भी मार गिराया था। बेटा का पार्थिव शरीर पहुंचने पर मां और पिता का हाल बेहाल था। बड़ी संख्‍या में लोग उन्‍हें सांत्‍वना देने पहुंचे थे।

अंतिम यात्रा में मंत्रियों के साथ नगरवासी हुए शामिल

मुज़फ्फरनगर में शहीद प्रशांत के घर से काली नदी शमशान घाट के लिए उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। रास्ते मे उनके सम्मान में युवाओं और लोगों की भीड़ जगह जगह से शामिल हो रही है। पुलिस बल भी जगह-जगह लगाया गया है। कुछ ही देर में काली नदी शमशान घाट पर उनका पार्थिव शरीर पहुँचेगा।

तीन आतंकी मार गिराए थे

गौरतलब है कि यूपी के मुज़फ्फरनगर जिले का एक और लाल देश की रक्षा करते हुए सीमा पर वीरगति को प्राप्‍त हो गया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के जूदर क्षेत्र में शुक्रवार की रात को एक सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने अचानक सेना के जवानों पर हमला बोल दिया। इस दौरान मुजफ्फरनगर के लाल बुढाना मोड़ निवासी प्रशांत शर्मा बुरी तरह से जख्‍मी हो गए, उन्‍हें आर्मी अस्‍पताल ले जाया गया जहां पर उन्‍होंने दम तोड़ दिया। जम्‍मू से सेना के अधिकारी ने मुजफ्फरनगर में शहीद प्रशांत के घरवालों को उनकी शहादत की जानकारी दी। इस समाचार से पूरा परिवार स्‍तब्‍ध रह गया। प्रशांत की शहादत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जवान प्रशांत और उनके अन्‍य साथियों ने शहादत से पहले तीन आतंकी मार गिराए थे।

प्रशांत शर्मा के बलिदान की खबर से ही स्वजन शोक में डूब गए थे। रविवार को उनका पार्थिव शरीर घर पर आने के बाद से तो जिसे भी खबर मिली वह प्रशांत के घर की ओर दौड़ पड़ा। उनके निवास पर मंत्रियों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। रविवार को बलिदानी प्रशांत शर्मा का पार्थिव शरीर जनपद लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रशांत के शौर्य और वीरता को नमन करते हुए शोकाकुल परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और एक सदस्य को सरकारी नौकरी की घोषणा की है।

बागपत जनपद के बिजरौल गांव के मूल निवासी शीशपाल शर्मा सेना में नायक पद से रिटायर्ड हैं। वह करीब 15 साल से बुढ़ाना रोड पर मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे हैं। शीशपाल शर्मा के पुत्र प्रशांत शर्मा वर्ष 2017 में सेना में भर्ती हुए थे, जिसके बाद उनकी पहली पोस्टिंग राजस्थान में हुई। कुछ समय पूर्व उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर में हुई। शुक्रवार को पुलवामा में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान उनके सीने में चार गोली लगीं। प्रशांत शर्मा के बलिदान का समाचार मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया। केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक समेत अन्य लोगों ने बलिदानी के स्वजनों को ढांढ़स बंधाया। इसी वर्ष छह दिसंबर को उनकी शादी मेरठ की युवती से होनी थी। स्वजन उनकी शादी की तैयारियों में लगे हुए थे।

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