छठे चरण में बढ़ा उलटफेर, पीछे हुईं कांत‍ि स‍िंंह ने कहा-हो रही धांधली

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लखनऊ, स्नातक  लखनऊ खंड निर्वाचन चुनाव की मतगणना के छठे चरण मेंं बड़ा उलटफेर हुुुुआ। पांच चरणों से पीछे चल रहे भाजपा के उम्मीदवार अवनीश कुमार सिंह छ्ठे  चरण की मतगणना में निर्दलीय कांति सिंह से 513 वोट से आगे हो गए हैंं। इस राउंउ के नतीजे के बाद भाजपा उम्मीदवार अवनीश कुमार स‍िंंह के खेेेेमे मेंं उत्‍साह का माहौल नजर आया। छठे चरण में इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह को 5050 मत प्राप्त हुए। उनको कुल 24538 मत मिले। वहींं कांति सिंह को छठे चरण में 3786 मत म‍िले। उनको कुल 24025  मत मिले हैं।

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चौथे चरण में 1149 मतों से कांति सिंह भाजपा उम्मीदवार से आगे चल रही थीं। शनिवार को सुबह जहां कांति सिंह के समर्थकों में उत्साह नजर आ रहा था दूसरी ओर भाजपा के उम्मीदवार अविनाश कुमार के खेमे में मायूसी छाई हुई थी।

कांत‍ि स‍िंह ने लगाया धांधली का आरोप 

वहीं न‍िर्दल‍िय प्रत्‍याशी कांति सिंह ने आरोप लगाया क‍ि धांधली के लिए हमारे कार्यकर्ताओं को मारा पीटा गया है। इसमें एक कार्यकर्ता के फ्रैक्चर होने पर अस्पताल में भर्ती कराया है। मुझे भी यहां से जबरन हटाया जा रहा था, जबकि मैं प्रत्याशी हूं। रात भर से हमारे व कार्यकर्ताओं के साथ धक्का मुक्की, जोर जबरदस्ती चल रही है। अवैध मतों को वैध कर दिया जा रहा है। निष्पक्षता नहीं है। हमने शिकायत डीएम से भी की है। पुनर्मतगणना होनी चाहिए।

गौरतलब हैै क‍ि पांचवें चरण में निर्दलीय उम्मीदवार कांति सिंह भाजपा के अवनीश कुमार सिंह से आगे चल रही थींं। चौथे चरण में 1149 मतों से कांति सिंह भाजपा उम्मीदवार से आगे चल रही थीं। शनिवार को सुबह पांचवें चरण में भी 740 वोटों से उनसे आगे रहने से एक ओर जहां कांति सिंह के समर्थकों में उत्साह नजर आ रहा था दूसरी ओर भाजपा  के उम्मीदवार अविनाश कुमार के खेमे में मायूसी छाई हुई थी। हर राउंड खत्म होने के साथ ही अगले राउंड की शुरुआत करने से पहले मतगणना को लेकर कार्यकर्ताओं में मंथन किया जा रहा था। ठंड के बावजूद दोनों ही पक्ष के एजेंट मतगणना स्थल पर डटे रहे। कभी मतपत्रों की गिनती को लेकर तो कभी प्रशासनिक लापरवाही को ले कर हंगामा हो रहा था।  सुरक्षा बंदोबस्त के बीच  मतगणना चलती रही। वहीं कांति सिंह के समर्थकों का आरोप है कि प्रशासन वोटों को अवैध करने में लगा है जिससे सत्ताधारी दल उम्मीदवार को फायदा हो सके।

सेल्फी लेने पर हंगामा, हटाये गए नायब तहसीलदार

शुक्रवार की देर रात मतगणना में लगे नायब तहसीलदार रमन द्वारा निर्दल उम्मीदवार कांति सिंह के पति व पूर्व एमएलसी एसपी सिंह के साथ सेल्फी ले लिया। इस पर भाजपा के समर्थकों ने जहां इसका विरोध किया वहीं जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने मामला बढ़ता देख उन्हें मतगणना स्थल से हटा दिया। भाजपा उम्मीदवार अवनीश कुमार का आरोप है कि नायब तहसीलदार स्ट्रांग रूम में सेल्फी ले रहा था। सवाल ये उठता है कि वह वहां कैसे गया प्रशासन को इसकी जांच कर कार्यवाही करनी चाहिए। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार कांति सिंह का कहना है कि ये लगातार पीछे चल रहे है इसकी वजह से यह बौखला गए हैं किसी के साथ सेल्फी लेना या किसी के सम्मान करने को मतगणना में बाधा बताना तर्कसंगत नहीं लगता है।

कांटे के मुकाबले में तीसरे राउंड की समाप्ति के साथ निर्दलीय प्रत्याशी कांति सि‍ंह भाजपा के अवनीश कुमार सि‍ंह से महज 657 वोटो से आगे थीं। हालांकि, पहले राउंड में एक हजार का अंतर था, जो तीसरा राउंड आते-आते घट गया। इससे पहले बूथ संख्या 181 की मतपेटी में गड़बड़ी को लेकर कांति स‍िंंह के समर्थकों ने हंगामा किया। देर रात जिला प्रशासन से लिखित शिकायत भी की गई। उधर, टेबल संख्या तीन में मतगणना के दौरान भाजपा के एजेंटों की कर्मचारियों से कहासुनी भी हुई। भाजपा समर्थकों ने कर्मचारियों पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराकर मतगणना शुरू कराई। कुल नौ राउंड की गिनती के बाद परिणाम सामने आएगा। प्रत्येक राउंड में करीब दो घंटे का समय लगता है। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार रातभर मतगणना जारी रहेगी, जिसका परिणाम शनिवार सुबह तक आएगा। मतगणना के पहले राउंड से कांति स‍ि‍ंंह बढ़त बनाए हुए हैं।

लगातार किए गए संघर्ष ने उन्हें सफलता दिलाई है : प्रत्याशी उमेश द्विवेदी 
जीत दर्ज करने के बाद भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी ने कहा कि शिक्षकों के लिए लगातार किए गए संघर्ष ने उन्हें सफलता दिलाई है उन्होंने जीत का श्रेय अपने साथियों को दिया। उमेश द्विवेदी रायबरेली ज़थित सरस्वती इंटर कॉलेज अरखा ऊंचाहार के प्रधानाध्यापक हैं और वर्ष 2008 से वित्तविहीन शिक्षकों की आवाज उठा रहे हैं। वर्ष 2014 में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी। हालांकि, वर्ष 2008 में उन्हें महज 25 वोट मिले थे। मूलरूप से प्रतापगढ़ के लालगंज अवहारा निवासी उमेश द्विवेदी की पत्नी रीता भी शिक्षक हैं। उमेश द्विवेदी ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों का विनियमितीकरण और उन्हें मानदेय दिलाना मेरे लिए चुनौती है।

स्नातक निर्वाचन खण्ड की मतगणना जारी, कांति सिंह आगे 

अभी स्नातक निर्वाचन खंड की मतगणना जारी है। मतगणना के तीसरे राउंड की समाप्ति के साथ निर्दलीय प्रत्याशी कांति सिंह भाजपा के अवनीश कुमार सिंह से 657 वोटो से आगे थीं। पहले राउंड में एक हजार का अंतर था। हालांकि, तीसरे राउंड तक अंतर कम हो गया, जिससे कांति सिंह के समर्थक उदास दिखे। वहीं भाजपा प्रत्याशी के समर्थक उत्साहित नजर आए।

इससे पहले बूथ संख्या 181 की मतपेटी में गड़बड़ी को लेकर कांति सिंह के समर्थकों ने हंगामा किया। निर्दलीय प्रत्याशी कांति सिंह की ओर से देर रात में जिला प्रशासन से लिखित शिकायत भी की गई। उधर, टेबल संख्या तीन में मतगणना के दौरान भाजपा के एजेंटो का वहां के कर्मचारियों से कहासुनी भी हुई। भाजपा समर्थकों ने कर्मचारियों पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया।  पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराकर मतगणना शुरू कराई। कुल नौ राउंड की गिनती के बाद परिणाम सामने आएगा। प्रत्येक राउंड में करीब दो घंटे का समय लगता है। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार रात भर मतगणना जारी रहेगी, जिसका परिणाम शनिवार सुबह आएगा। मतगणना के पहले राउंड से कांति सिंह बढ़त बनाए हुए हैं। गुरुवार देर रात तक मतदान पत्रों की गड्डी बनाई गई और शुक्रवार तड़के मतगणना शुरू हो गई। अवैध व वैध मतपत्रों की संख्या के मुताबिक कांति सिंह ने पहले राउंड में भाजपा प्रत्याशी से एक हजार मतों से बढ़त बना ली। कर्मचारियों की शिफ्ट बदलने के कारण करीब 45 मिंट तक मतगणना बन्द रही। सभी प्रत्याशी देर रात तक समर्थकों के साथ डटे रहे। इस दौरान बीच बीच मे हंगामा भी होता रहा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल मुस्तैद है।

गौरतलब है कि गुरुवार को लखनऊ में सत्ताधारी दल पर मनमाने एजेंट बनवाने और पेटी सील करने में धांधली का आरोप लगाकर प्रत्याशियों ने जमकर हंगामा किया था। मंडलायुक्त रंजन कुमार और डीएम अभिषेक प्रकाश ने किसी तरह मामले को शांत कराया और मतगणना स्थल से अनाधिकृत लोगों को बाहर किया। इसके बाद देर शाम को कांति सिंह समेत कई प्रत्याशी धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि सत्ताधारी दल के दबाव में चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश की जा है। इनका आरोप था कि 24 प्रत्याशियों में 23 को हराने के षड़यंत्र चल रहा है और अधिकारी सुन नहीं रहे है। सत्ताधारी दल के दबाव में काम हो रहा है।

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