कानपुर, तपोभूमि से बसे ऊंचे पौराणिक स्थल हनुमानधारा के दर्शन अब श्रद्धालु रोप-वे से कर सकेंगे। हालांकि उद्घाटन दीपदान मेला के पहले हो गया था, लेकिन कुछ कारणों से आमजन के लिए नहीं खोला गया था। दामोदर रोप वे इंफ्रा लिमिटेड ने शुक्रवार को गोलकवाशी राजगुरु स्वामी संकर्षण प्रपन्नाचार्य रामानुजाचार्य की जयंती पर पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना कर रोप-वे को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया।
राजगुरु स्वामी बदरी प्रपन्नाचार्य, सतना चित्रकूट विधायक निलांशु चतुर्वेदी, हनुमान धारा मंदिर के अध्यक्ष मयंक चतुर्वेदी, डीआरआइ से संगठन सचिव अभय महाजन व कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्रवण अग्रवाल पूजा अर्चना कर सबसे पहले रोप-वे से सफर किया और हनुमानजी के दर्शन किए। विधायक ने कहा कि रोपवे के संचालन होने से श्रद्धालुओं को अब हनुमान जी के दर्शन आसान हो जाएंगे। कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ने बताया कि हनुमान धारा मंदिर की 618 सीढिय़ों को चढ़कर श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन अभी मिलते थे। रोपवे से कम समय में आसान और सुरक्षित तरीके से हनुमान धारा तक पहुंचाया जा सकेगा।
यह है रोप-वे की खासियत
हर घंटे 500 यात्री आवागमन
रोप-वे की लंबाई 302 मीटर
ट्रॉलियों की संख्या 12
एक व्यक्ति का किराया – 130 रुपये
बच्चों का किराया – 83 रुपये
समय सुबह आठ से शाम सात बजे तक
राजनैतिक दांव में फंसा था रोप-वे
देश के कोने-कोने से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं को रोप-वे तो दो माह पहले मिल गया होता लेकिन राजनैतिक दांव में फंस गया था। सूत्र बताते हैं कि उद्घाटन सतना के भाजपा सांसद गणेश ङ्क्षसह का कराया गया था। जिसको लेकर चित्रकूट के कांग्रेस विधायक निलांशु चतुर्वेदी नाराज थे क्योंकि हनुमानधारा मंदिर उनके परिवार की जागीर है और उनके परिवार से अनुबंध के बाद ही रोप-वे का निर्माण हुआ था।
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