गोरखपुर, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह में मुख्य अतिथि चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं। एनसीसी कैडेट उन्हें गार्ड आफ आनर दे रहे हैं। कुछ ही देर में वह मंच की तरफ आएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं। दोनों अतिथि अभी मंच पर थोड़ी देर में आ जाएंगे।
मुख्य अतिथि जनरल बिपिन रावत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में महाराणा प्रताप, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण किया। इसके पहले उन्होंने ध्वजारोहण किया। सभी अतिथि मंचासीन हो चुके हैं। स्वागत गान के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है।
स्वागत गान और छात्र छात्राओं की कुछ अन्य प्रस्तुतियों के बाद महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संरक्षक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनरल बिपिन रावत को स्मृति चिन्ह दिया। इसके बाद जनरल बिपिन रावत ने भी अपनी तरफ से स्मृति चिन्ह मुख्यमंत्री को दिया। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष यूपी सिंह का संबोधन शुरू।
साहित्य, कला, संस्कृति से विहीन पुरुष पूंछहीन पशु के समान : उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह में शामिल होने का मुझे अवसर मिला यह मेरे लिए सौभाग्य का विषय है। उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक क्षेत्र में गोरखपुर ने समय-समय पर करवट लिया है। इसके विकास में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ और ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ का विशेष योगदान रहा है। देश की गरिमा के लिए मुगलों से लड़कर अपने प्राणों की आहुति देने वाले महाराणा प्रताप सबके मन मस्तिष्क में आज भी विद्यमान हैं। आजादी में ही जियेंगे और आजादी में ही दुश्मनों से मोर्चा लेंगे यह उनका मूल मंत्र था। गोरखनाथ की 22 वीं सदी के महंत दिग्विजय नाथ ने गोरखपुर विश्वविद्यालय समेत तमाम कालेजों की स्थापना कराई। साहित्य, कला, संस्कृति से विहीन पुरुष बगैर पूंछ वाले पशु के समान है।
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