जयपुर। नकल गिरोह के हाईटेक पैंतरों को लेकर पुलिस कांस्टेबल ऑनलाइन भर्ती परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। पुलिस कांस्टेबल परीक्षा मार्च में होने वाली थी। परीक्षा के लिए नकल गिरोह सक्रिय होकर दूसरे चरण की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। इन सभी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने दूसरे चरण की परीक्षा को स्थगित करने का फैसला किया।
पुलिस महानिदेशक ओपी गल्होत्रा ने बताया कि इस मामले की जांच शुरु कर दी है। परीक्षा आयोजित करने वाली एप्टेक कंपनी ने इसे लेकर जो सिक्योरिटी की व्यवस्था की है।वो सही है या नहीं जांच में कंपनी की लापरवाही और मिलीभगत सामने आई तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि नकल गिरोह कम्प्यूटर सिस्टम हैक कर अभ्यर्थियों को अन्य दूसरे स्थानों के माध्यम से पेपर हल करते थे। इतना ही नहीं थंब प्रिंट के क्लोन बनाकर बायोमीट्रिक मशीन को ठेंगा दिखाते हुए असली की जगह फर्जी अभ्यर्थियों के पेपर हल करने भेजते थे। एसओजी ने शनिवार को डॉक्टर व इंजीनियर सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आराेपी डॉक्टर व इंजीनियर ने पहले चरण में कई अभ्यर्थियों के पेपर हल किए और दूसरे चरण की तैयारी में लगे हुए थे।
एसओजी के सामने नकल गिरोहों को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे है। 10 दिन की परीक्षा में जयपुर सहित अजमेर में 34 लोगो को गिरफ्तार कर लिया है। जयपुर में 26 लोगो को एसओजी और अजमेर में 8 जनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एएसपी करण शर्मा ने बताया कि आरोपियों में बीटेक किया हुआ। बिहार निवासी और अन्य एमबीबीएस में अध्ययन करने वाले योगेश यादव चितावा नागौर निवासी अभ्यर्थी हीरालाल जाट और सोनीपत हरियाणा निवासी सरस्वती इंफोटेक का कर्मचारी रविकरण जाट है।हरियाणा में सरस्वती इंफोटेक में काम करता है। आरोपी अतुल ने इसी वर्ष दिल्ली में नीट परीक्षा में नकल करवाई थी।
योगेश और संदीप बिहार के रहने वाले थे ये दोनों जयपुर आये थे। और भी इनके साथ कई आरोपी काम करते थे जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2011 से रेलवे, एसएससी, नेवी सहित राजस्थान, हरियाणा, व दिल्ली में होने वाले ऑनलाइन एग्जाम में इसी तरह से अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर पेपर हल करते थे। आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने दिल्ली नीट में 7 डॉक्टरों का पेपर हल किया था।
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