भिंड-मुरैना । मध्य प्रदेश में सिंथेटिक दूध का काला कारोबार चल रहा है. आज STF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़े रैकेट का खुलासा किया। भिंड-मुरैना की ऐसी 3 फैक्ट्रियों पर छापा मारा गया, जहां नकली दूध तैयार किया जा रहा था। यहां तैयार दूध-मावा उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक सप्लाई किया जा रहा था. टीम ने दूध के लिए कैमिकल सप्लाई करने वाले दो सप्लायर्स के यहां भी छापा मारकर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है।
बताया जाता है एमपी के ग्वालियर संभाग के भिंड, मुरैना में तैयार किये जा रहे नकली दूध से मावा, घी आदि की सप्लाई सिर्फ एमपी के शहरों तक ही नहीं थी, बल्कि यूपी व दिल्ली तक इस काले धंधे की पहुंच हो चुकी थी।
एमपी की एसटीएफ ने आज शुक्रवार 19 जुलाई को इस काला धंधा में लगी तीन फैक्ट्रियों पर छापामारी की, जहां 2 हजार लीटर नकली दूध, बड़ी मात्रा में नकली मावा भी जब्त किया गया है. टीम ने दूध के लिए कैमिकल सप्लाई करने वाले दो सप्लायर्स के यहां भी छापा मारकर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है।
20 टीमों ने ग्वालियर-चंबल अंचल में छापे मारे. छापे की ये कार्रवाई मुरैना के खंडेश्वरी डेयरी, लहार भिंड के गिर्राज फूड्स, गोपाल आइस फैक्ट्री और चिलिंग सेंटर पर की गयी. टीम ने उन दुकानों पर भी छापा मारा जहां से दूध में इस्तेमाल किया जा रहा केमिकल सप्लाई किया जाता था।
केमिकल अंबाह के अग्रवाल लैबोरेट्री और लहार के नवीन स्टोर पर छापा मारा गया. बताया जाता है कि वह वो इलाका है जहां लंबे समय से नकली दूध और मावा बनाने का रैकेट चल रहा है। समय समय पर इसका खुलासा होता है. यहां बनाया जाने वाला नकली-दूध और मावा पूरे प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक सप्लाई हो रहा था।
ग्वालियर एसटीएफ और जिला खाद्य विभाग की टीम ने लहार में जब गिर्राज फ़ूड और गोपाल आइस्क्रीम प्लांट पर छापा मारा तो मौके से बड़ी मात्रा में मिलावटी दूध,मावा और मावा बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला केमिकल पावडर बरामद किया गया. मुरैना में नकली दूध बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा गया तो वहां 2 हजार लीटर नकली दूध, ग्लूकोज पाउडर और कैमिकल रखा मिला।
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