खुलासा : टोल के फर्जी टैग बनवाए डीयू की छात्रा ने दोस्त के साथ मिलकर

[object Promise]

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) टोल के फर्जी टैग बनाकर बेचने के मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा का भी नाम सामने आया है। छात्रा ने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा किया था। मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर स्थित एमसीडी टोल के नकली पास बनाकर बेचने के मुख्य आरोपी सत्यव्रत कुंडू ने बताया कि उसने दिल्ली की एक प्रिंटिंग प्रेस से टोल प्लाजा के 1200 फर्जी पास छपवाए थे। इनमें से 700 पास वह एमसीडी की ओर से निर्धारित तीन हजार रुपये की कीमत से तीन सौ रुपये कम 2700 रुपये में बेच चुका है। आरोपी ने बताया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली उसकी महिला साथी ने ही उसे प्रिंटिंग प्रेस का पता बताया था। फर्जीवाड़े में टोल प्लाजा के विजिलेंस स्टाफ में कार्यरत चंचल व राकेश ने आरोपी की सहायता की थी। इसके अलावा दिल्ली में फोटोकॉपी की दुकान चलाने वाला अंकित भी इसमें शामिल था। पुलिस अब तक मुख्य आरोपी सहित कुल नौ लोगों को पकड़ चुकी है।

विवाद किया था

मुख्य आरोपी और युवती ने मिलकर इस फर्जीवाड़े की योजना बनाई थी। इसके तहत युवती ने टोल प्लाजा पर जाकर कर्मचारियों के साथ जानबूझकर झगड़ा किया था। मुख्य आरोपी ने बताया कि इस विवाद के पीछे उनकी योजना टोल पर काम करने वाले कर्मचारियों को भगाने की थी, ताकि आरोपी प्लाजा पर जान-पहचान के लोगों को नौकरी पर रखकर धंधे को आसानी से चला सकें।

 

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *