खुलासा: कथित कथक सम्राट गिरफ्तार, पीएम के नाम पर धाक जमाकर ले रहे थे वीआईपी सुविधा

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर वीआइपी सुविधा लेने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है। कथित कथक सम्राट राष्ट्रपति से भी सम्मानित हो चुका है। वह बड़े-बड़े नेताओं और मंत्रियों के साथ अपनी फोटो दिखाकर धाक जमाता था। गिरफ्तार आरोपी देश का जाना माना कथक सम्राट पुलकित मिश्रा उर्फ पुलकित महाराज है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे रोहिणी सेक्टर-18 से गिरफ्तार किया है। उसके खुलासे के बाद पुलिस को कई चैंकाने वाले राज पता चले हैं। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर उसके द्वारा किए गए फर्जीवाड़ों की फेहरिस्त तैयार करने में जुटी है।पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी कथक सम्राट पुलकित महाराज जब भी दिल्ली से बाहर किसी राज्य में जाता था, तो केन्द्र सरकारी की तरफ से संबंधित राज्य सरकार को एक फर्जी ईमेल भेजता था।

फर्जी ईमेल में बताया जाता था कि राष्ट्रपति से सम्मानित देश के जाने-माने कत्थक महाराज उनके यहां आने वाले हैं। इसलिए उन्हें राज्य अतिथि की तरह वीआइपी सुविधाएं प्रदान की जाएं। साथ ही उनके लिए वीआइपी सुरक्षा का भी बंदोबस्त किया जाए। बताया जा रहा है कि आरोपित इस तरह से कई बार फायदा उठा चुका है। फर्जी ईमेल को सही मानकर उसे वीआइपी सुरक्षा और सुविधा मुहैया कराई जाती थी।आरोपी अपने आगे-पीछे सरकारी सुरक्षा लेकर बड़ी शान से घूमता था।

हालांकि उसका फर्जीवाड़ा कैसे सामने आया है, ये अभी स्पष्ट नहीं है। क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ के बाद मीडिया को पूरी जानकारी देगी। फिलहाल मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से पुलिस अधिकारी भी कुछ कहने से बच रहे हैं।पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी केन्द्र सरकार, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री कार्यालय में ऊंची पकड़ का दावा करता था।

इसके लिए वह राष्ट्रपति से सम्मानित होने की फोटो दिखाता था। साथ ही वह प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और अन्य कई बड़े नेताओं के साथ अपनी फोटो दिखाकर रौब जमाता था।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार कथक सम्राट पुलकित महाराज साहिबाबाद में डांस अकादमी चलाता था। वह खुद को अलग अलग मिनिस्ट्री का बड़ा अधिकारी बताता था। जहां भी जाता था स्थानीय प्रशासन को अपनी फर्जी पहचान बता कर सरकारी सुविधाएं लेता था।

आरोपी दूसरों के नाम पर भी सुविधा लेता है।आरोपी ने सीतापुर के डीएम से हाल में सरकारी वीआइपी सुविधा मांगी थी। उसने जिलाधिकारी को बताया ता कि वह मंत्रालय का अधिकारी है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने आरोपी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

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