क्या हिमाचल में टूटेगा 2003 की वोटिंग का रिकॉर्ड?
हिमाचल के चुनावी इतिहास में सबसे ज्यादा 74.51 फीसदी मतदान 2003 के चुनाव में हुआ था. जबकि 1977 में सबसे कम 58.57 फीसदी वोट पड़े थे.
इस बार चुनाव आयोग ने लोगों को मतदान करने के लिए काफी प्रेरित किया है. 1990 के चुनाव में 67.76 फीसदी वोट डाले गए थे.
जबकि अन्य सभा विधानसभा चुनावों में वोटिंग प्रतिशत 70 फीसदी से अधिक रहा है. 2012 में भी 73.51 प्रतिशत लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया.हिमाचल विधानसभा चुनाव में पहली बार थर्ड जेंडर भी वोट डालेंगे. वे 20 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान करेंगे. मतदान का अधिकार मिलने के बाद ऐसे कुल 29 मतदाताओं ने अपना नाम दर्ज कराया है.
धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से करीब आठ सौ तिब्बती समुदाय के लोगों के नाम भी मतदाता सूची में दर्ज हैं. मालूम हो कि हिमाचल प्रदेश के श्याम शरण नेगी देश के पहले मतदाता और चुनाव आयोग के ब्रांड अंबेसडर भी हैं. जिनके वोट डालने के लिए चुनाव आयोग ने मतदान केंद्र पर रेड कारपेट बिछाया है.
कुल मिलाकर हिमाचल में वोटिंग को लेकर लोगों में खासा उत्साह है. लेकिन क्या 2003 का रिकॉर्ड टूट पाएगा, यह बड़ा सवाल है.
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