कोरोना वायरस: इस देश के लोग मुखमरी के कगार पर, लाॅकडाउन के चलते पैसे-पैसे के मोहताज !

कोरोना वायरस: इस देश के लोग मुखमरी के कगार पर, लाॅकडाउन के चलते पैसे-पैसे के मोहताज !

रोम। कोरोना वायरस के चलते पैसे-पैसे को मोहताज हुए इस देश के लोग, पूछ रहे- अब कैसे जीयें। इटली में लॉकडाउन के चलते लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रहीं हैं। कोरोना के चलते इटली में इमरजेंसी घोषित की गई है और पूरे देश में लॉकडाउन है। ऐसे में रोज काम कर के पैसे कमाने वाले लोगों की हालत काफी खराब हो गयी है और उन्हें भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है। चीन के बाद इटली वो देश है जहां कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। इटली में अभी तक 21,157 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में चुके हैं जबकि 1441 लोगों की इससे मौत हो चुकी है। कोरोना के चलते इटली में इमरजेंसी घोषित की गई है और पूरे देश में लॉकडाउन है। ऐसे में रोज काम कर के पैसे कमाने वाले लोगों की हालत काफी खराब हो गयी है और उन्हें भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है।

लोकल इटली में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरे देश में काम-धंधा ठप है, ऐसे में मजदूर, छोटे दुकानदार, टूरिस्ट गाइड और ट्यूशन टीचर्स जैसे प्रोफेशन के जरिए गुजारा करने वाले लोग अब भुखमरी की हालत में पहुंच गए हैं। सिर्फ यही लोग नहीं बड़ी कंपनियों में काम कर रहे लोग भले ही वर्क फ्रॉम होम के जरिए काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें भी काफी दिक्कतें आ रहीं हैं। ट्यूरिन में रहने वालीं कैथरीन बताती हैं कि मुझे और मेरे पति दोनों को हमारी कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम दे दिया है लेकिन इससे जिंदगी आसन नहीं और मुश्किल हो गयी है. अब ऑफिस वाले हमें पूरे दिन काम करने के लिए मजबूर करते हैं और कम के घंटे का कोई मतलब नहीं रह गया।

फ्लोरेंस में टूरिस्ट गाइड का काम करने वाले लियाम रोजर्स बताते हैं कि महीनों से उनका काम बंद है और अब उनके पास खाने-पीने के पैसे भी नहीं बचे हैं। लियाम की पत्नी की नौकरी भी कोरोना के चलते चली गई और अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वो अपने दो बेटों की परवरिश कैसे करेंगे। इटली की सरकार ने कुछ स्टोर्स को छोड़कर सभी दुकानों को बंद करने के आदेश जारी किए हुए हैं ऐसे में महीने भर से छोटी दुकान चलाने वाले लोगों का रोजगार बंद है।

इसी तरह की एक दुकान की मालिक हेलन बताती हैं कि मेरे पास कोई काम नहीं है, अब पैसे भी नहीं बचे, समझ नहीं आ रहा कि इस बार घर का रेंट कैसे दूंगी। एना नाम की अंग्रेजी विषय की टीचर भी कहती हैं कि समझ नहीं आ रहा अब जिंदगी चलाने के लिए पैसे कहां से आएंगे।

दरअसल इटली में स्कूल कॉलेज और प्राइवेट ऑफिसों पर ताला लगने से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे लोगों को सबसे बड़ा झटका लगा है। इन लोगों के सभी कॉन्ट्रैक्ट एक झटके से कैंसिल कर दिए गए हैं। हालांकि सरकार ने तीन महीने के लिए प्रभावित इलाकों में मदद देना और राशन पहुंचाने का ऐलान किया है लेकिन इसका कितना फायदा होगा लोगों को इस पर शक है।

बता दें कि बुधवार को ही इटली की सरकार ने कोरोना के लिए 25 बिलियन यूरो के फंड का ऐलान किया है। मंत्री नंजिया कैटाफ्लो ने भी वादा किया है कि कंपनी, वर्कर और उनके परिवारों की आर्थिक मदद की जाएगी। इसके अलावा सरकार ने टैक्स में रहत देने का भी ऐलान किया है।

कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित इटली में स्वास्थ्य कर्मियों की दुर्दशा को बयां करती एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसमें खुद को पूरी तरह ढके हुए और बेहद थकी नजर आ रही एक नर्स की-बोर्ड पर हाथ रखकर सोई हुई दिख रही है। यह तस्वीर वायरस से बुरी तरह प्रभावित उत्तरी लोम्बार्डी क्षेत्र के एक अस्पताल में काम करने वाली नर्स एलीन पेग्लियारिनी की है।

पेग्लियारिनी ने बताया, मैं हर जगह अपनी तस्वीर देखकर क्रोधित हूं। मुझे अपनी कमजोरी दिखाने में शर्म आ रही है। उधर लोम्बार्डी में स्थित उत्तरी शहर बरगैमे में एक अस्पताल में काम करने वाली डेनियल मैकशिनी की फेसबुक पोस्ट भी काफी साझा की जा रही है। उन्होंने लिखा है, श्मुझे अपने बेटे और परिवार को देखे हुए लगभग दो सप्ताह हो गए हैं। मुझे डर है कि कहीं वे भी इसकी चपेट में न आ जाएं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *