नई दिल्ली, एएनआइ। केरल के राज्यपाल (Kerala Governor) आरिफ मुहम्मद खान (Arif Mohammed Khan) द्वारा विधानसभा सत्र (Kerala Assembly Session) के प्रस्ताव को अस्वीकार करने के फैसले को केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन (V. Muralidharan) ने सही बताया है। उन्होंने कहा कि सत्र बुलाकर जनता के धन की बर्बादी करना ठीक नहीं। उनका कहना है कि जब आठ जनवरी को सत्र आयोजित होना है तो अनावश्यक रूप से सदन बुलाने की आवश्कता नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मुझे लगता है कि गवर्नर की बात उचित है क्योंकि प्रस्ताव पारित करने के लिए विधानसभा सत्र बुलाना जनता के पैसों की बर्बादी करना है। इस प्रस्ताव का कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला क्योंकि जब संसद एक कानून पारित करती है, तो यह पूरे देश में लागू होता है।’
मुरलीधरन ने आगे कहा कि आठ जनवरी से विधानसभा सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव पहले से ही था, इसलिए राज्यपाल ने सरकार से विशेष सत्र बुलाने का कारण पूछा। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से सदन बुलाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
कांग्रेस ने राज्यपाल के फैसले को बताया अलोकतांत्रिक
इससे पहले कांग्रेस ने राज्यपाल के इस फैसले को अलोकतांत्रिक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। कांग्रेस सांसद के सुरेश (K. Suresh) ने कहा था कि केरल सरकार विशेष सत्र बुलाकर नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित कराने वाली थी। केरल के राज्यपाल द्वारा किसानों के मुद्दों पर राज्य विधानसभा के विशेष सत्र को बुलाने की अनुमति नहीं देना अलोकतांत्रिक और संविधान-विरोधी है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
इसके अलावा के सुरेश ने इस बात की भी जानकारी दी थी कि किसानों के समर्थन में राहुल गांधी कल सुबह 10:45 बजे विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक कांग्रेस सांसदों के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। इसके बाद वह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मिलेंगे और उनके हस्तक्षेप के लिए दो करोड़ हस्ताक्षरों का एक ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे।
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