कुशीनगर : में कोरोना से जंग जीत चुकी डॉक्‍टर से दुरी रखते थे लोग,मानसिक अवसाद से गुजर रही महिला की खुदकुशी करना तो नहीं बना मौत का वज़ह ?

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पडरौना,कुशीनगर : देवरिया के पिपरा दौला कदम पीएचसी पर तैनात महिला डॉक्टर सविता यादव (35) ने शुक्रवार की रात पडरौना के नौका टोला स्थित अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। वह दो महीने पहले कोरोना संक्रमित हुई थींं। ठीक होने के बाद ही अवसाद में चली गई थींं। उनके पति एमआर हैं और उनकी छह साल की एक बेटी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नौका टोला निवासी अंकुर यादव की पत्नी डॉ सविता यादव देवरिया के देसही देवरिया ब्लॉक के पिपरा दौलाकदम पीएचसी पर तैनात थींं। दो महीने उन्हें कोरोना हुआ। वह 15 दिन तक मेडिकल कॉलेज में और इसके बाद घर पर आइसोलेशन में थी। ससुराल वालों के अनुसार अकेले पड़ने के कारण अवसाद में थीं। बीच में दो-तीन बार ड्यूटी पर भी गईं ले‍किन अवसाद से बाहर नहीं आ पा रही थींं। शुक्रवार की देर शाम को जब घर पर कोई नहीं था, उन्होंने अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। करीब एक घंटे बाद लौटे परिवारीजनों को इसकी जानकारी हुई।
परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि आत्महत्या, उनका खुद का निर्णय है। इसके लिए उनके पति व परिवार को परेशान न किया जाए।

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