किसान की नहीं अब लोकतंत्र की लड़ाई है : सलमान

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गौरव शुक्ला की रिपोर्ट की रिपोर्ट

फर्रुखाबाद। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि किसान की नहीं अब लोकतंत्र की लड़ाई है। आजादी के बाद किसानों का पहला बड़ा आंदोलन है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि जनता को आपस में बांटने की राजनीति कर रही है।

शहर से सटे बढ़पुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव सोताबहादुरपुर में सोमवार को कांग्रेस की किसान महापंचायत में पहुंचे पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि वह प्रियंका गांधी के निर्देश पर यहां आए हैं। उन्होंने कृषि कानूनों को लेकर भाजपा पर जमकर प्रहार किए। कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में सबसे पहले दिल्ली में पंजाब के किसान पहुंचे। तब सरकार ने यह अंदाजा नहीं लगा पाया कि इतना लंबा संघर्ष होगा। यह किसानों का अधिकार है, इसे पूरा समर्थन दें। अब आंदोलन राष्ट्र से जुड़ गया है।

महापंचायत के दौरान सलमान अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव को नहीं भूले। वे बोले, आज किसान की बात है, कल सुरक्षा की भी बात हो सकती है। इससे निपटने के लिए जिसके पास कुछ न हो, उसके पास पांच वर्ष में एक वोट होता है। उसी मत से सरकार बनाने का निर्णय लेता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ग के लिए संविधान में अधिकार है। संविधान कुचलकर काम करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन का मतलब व्यवस्था में कोई त्रुटि जरूर रह गई है। आंदोलन किसान की लड़ाई नहीं अब राष्ट्र व लोकतंत्र की लड़ाई है। इसके लिए संगठित होने की आवश्यकता है। सरकार आपस में बांटने की राजनीति कर रही है। लोकतंत्र का अधिकार पाने के लिए चुनाव में परिवर्तन जरूरी है। फिर बोले कि वह दोस्ती का हाथ बढ़ा रहे हैं। इसे थामकर 2022 के चुनाव में मजबूती से साथ दो।

मुख्यमंत्री के चेहरे के सवाल को टाला

पत्रकारों से बातचीत में पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि संगम में स्नान जवाहर लाल नेहरू करते थे। आज प्रियंका संगम में स्नान करती हैं तो लोगों को क्यों आपत्ति होती है। धर्म हमारा है, किसी को रोकने का अधिकार नहीं है। एक सवाल के जवाब में बोले कि प्रियंका मुख्यमंत्री का चेहरा होंगी यह बाद की बात है। इस समय वह आंदोलन को लीड कर रही हैं।उन्होंने निजीकरण पर भी सवाल उठाए। असम में राहुल गांधी द्वारा सीएए लागू न होने देने के बयान पर कहा कि इसे ध्रुवीकरण व धर्म से जोड़ना ठीक नहीं होगा। गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुए उपद्रव पर कहा कि पुलिस के रहते बवाल हुआ। यह आंदोलन नहीं एक तमाशा किया गया। इसका वह विरोध करते हुए उपद्रवियों पर कार्रवाई की मांग करते हैं।

गांवों तक पहुंचेगा आंदोलन

पूर्व सांसद ने कहा कि 75 दिन से दिल्ली में चल रहे आंदोलन को कांग्रेस ने जनजागरण अभियान के तहत समर्थन दिया है। राहुल गांधी संसद में तो कांग्रेसी सड़कों पर विरोध कर रहे हैं। सरकार किसानों की मांग से मुकर रही है। आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है। अभियान के तहत तहसील, ब्लॉक, विधानसभा क्षेत्र व गांवों तक के किसानों को कृषि कानूनों के बारे में बताने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आलू का समर्थन मूल्य दिया जाना चाहिए। आंदोलन के समर्थन के लिए कांग्रेस दिल्ली के निकटवर्ती 27 जिलों में किसान पंचायत कर रही है। जिलाध्यक्ष विजय कटियार, युवा कांग्रेेस जिलाध्यक्ष शुभम तिवारी, जिला प्रभारी विजय मिश्रा, श्रीप्रकाश प्रधान, गीतम सचान आदि ने भी संबोधित किया। वसीमुज्जमा खां, पुन्नी शुक्ला आदि मौजूद रहे।

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