वाराणसी, देशव्यापी होते जा रहे किसान आंदोलन को विपक्षी दलों द्वारा हवा देने से कानून व्यवस्था में आ रहे व्यवधान के बीच अब पुलिस प्रशासन नेताओं को नजरबंद करने लगी है। किसान आंदोलन में पूर्वांचल के नेताओं की सक्रियता को देखते हुए पुलिस आंदोलन के लिए सक्रिय लोगों पर सख्ती भी कर रही है। सोमवार को मिर्जामुराद में किसान आंदोलन के मद्देनजर मेंहदीगंज गांव निवासी किसान आंदोलन के समर्थक एनएपीएम के राज्य संयोजक व मनरेगा मजदूर यूनियन के नेता सुरेश राठौर को मिर्जामुराद पुलिस द्वारा घर पर ही नजर बंद कर दिया गया। सोमवार को सपा के प्रदेशव्यापी जिला मुख्यालय धरना प्रदर्शन को देखते हुए सोमवार की सुबह से ही वाराणसी जिला मुख्यालय पर सुरक्षा की दृष्टि से भारी फोर्स के साथ खुद एसएसपी अमित पाठक भी मौके पर मौजूद रहे।
वहीं पुलिस पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी कार्रवाई कर रही है। सोमवार की सुबह किसान आंदोलन के मद्देनजर मऊ जिले में भाकपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व चीनी मिल डायरेक्टर शेख हिसामुद्दीन को घोसी पुलिस ने उनके मानिकपुर असना स्थित घर से हिरासत मेंले लिया। दूसरी ओर अन्य जिलों में भी पुलिस कार्रवाई की तैयारी में है। प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस सूत्रों के अनुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश हैं, लिहाजा नेताओं को सड़क पर निकलने से पूर्व ही घर में नजरबंद किया जा रहा है।
जौनपुर में सपा नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री जगदीश नारायण राय के आवास को पुलिस ने छावनी तब्दील कर भारी संख्या में पुलिस बल के लोगों ने घर से नहीं निकलने दिया और उनको हाउस अरेस्ट कर दिया। इस पर पूर्व कैबिनेट मंत्री जगदीश राय ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियों से हम सपाई डरने वाले नहीं हैं, सरकार सभी वर्ग का उत्पीड़न कर रही है। इतिहास गवाह है जिस सरकार ने अन्नदाताओं का अपमान किया है उसका पतन हो गया है। किसानों का आन्दोलन सरकार के ताबूत का आखिरी कील साबित होगा।
बलिया जिले में किसान बिल के खिलाफ समाजवादी पार्टी द्वारा सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की सूचना पर जिला व पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गई। पुलिस ने कई सपा नेताओं को नजरबंद कर दिया। भारी संख्या में पुलिस बल पूर्व मंत्री नारद राय के चन्द्रशेखर नगर स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें नजरबंद कर दिया। यह खबर लगते ही समर्थकों व पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया।
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