नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कांग्रेस के घोषणापत्र पर सियासी हमला बोलते हुए कहा कि घोषणा पत्र में अफस्पा एवं राजद्रोह को खत्म करने का वादा भी किया गया।
कांग्रेस ने घोषणा पत्र बनाने के लिए एक ड्राफ्टिंग कमेटी बनाई थी, लेकिन ऐसा लगता है कि घोषणा पत्र के कुछ अहम बिंदुओं को टुकड़े-टुकड़े गैंग में मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दोस्तों ने तैयार किया है।
अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के मैनिफेस्टो में ऐसा एजेंडा शामिल है जो देश को तोडने का काम करता है। कांग्रेस पार्टी खतरनाक वादे कर रही है और उसके मेनिफेस्टो में ऐसा एजेंडा है जो देश को तोडने का काम करते हैं।
घोषणापत्र के सहारे कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जेटली ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार की जम्मू कश्मीर को लेकर जो ऐतिहासिक भूल थी, उसके लिए माफ नहीं किया जा सकता पर अब उस अजेंडे को ये आगे बढ़ा रहे हैं। ़़़
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरफ से किए गए बड़े-बड़े वादे नासमझी में किए गए हैं। अरुण जेटली ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में सेना और सीआरपीएफ सैनिकों की तैनाती में कमी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अफस्पा के प्रावधान कमजोर करने की बात भी कही है।
जेटली ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में खतरनाक वादे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन नियमों को पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी ने नहीं हटाया, उन्हें राहुल गांधी हटाने की बात कर रहे हैं।
़कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद गरीबों के लिए न्यूनतम आय योजना शुरू करने के साथ ही किसानों के लिए अलग बजट शुरू किया जाएगा।
जेटली की प्रेस कॉन्फ्रेंस चल ही रही थी तभी कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेता आरोपों का जवाब देने के लिए आगे आ गए। जयराम रमेश, पी. चिदंबरम और रणदीव सुरजेवाला ने राजद्रोह कानून को लेकर कांग्रेस के वादे पर उठ रहे सवालों पर जवाब दिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजद्रोह अंग्रेजों के जमाने का कानून है। देश में डिफेंस ऑफ इंडिया कानून बनाया गया, जो लोग न पूरे वकील हैं न पूरे वित्त मंत्री हैं उन्हें इस बारे में पता नहीं है
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