नई दिल्ली अनिल अंबानी की रिलायंस ग्रुप ने कांग्रेस के स्वामित्व वाले अखबार नैशनल हेरल्ड समेत कई देसी, विदेसी मीडिया घरानों के साथ-साथ दर्जनभर कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है। ग्रुप ने राफेल बनाने वाली फ्रेंच कंपनी दसॉ एविएशन के साथ अपने ऑफसेट अग्रीमेंट को लेकर छपे लेख और की गई बयानबाजी के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब उसका कहना है कि चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए उनसे मुकदमों को वापस लेगी।
मीडिया खबरों के अनुसार अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने राफेल मामले में कांग्रेस नेताओं और नेशनल हेराल्ड अखबार के खिलाफ अहमदाबाद की अदालत में दायर 5,000 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे को वापस लेने का फैसला किया है। रिलायंस ने यह मुकदमा राफेल डील मामले में विवादित बयानों और लेख को लेकर किया था। अनिल अंबानी ने पिछले साल अगस्त में राफेल मामलेमें कांग्रेस के स्वामित्व वाले अखबार नेशनल हेराल्ड के खिलाफ ये मुकदमा दायर किया था. इन मुकदमों को अहमदाबाद के सिविल और सेशन जज पी. जे. तमकुवाला की अदालत में सुना जा रहा था।
बता दें कि अनिल अंबानी के मालिकाना हक वाली रिलायंस डिफेंस ने कांग्रेस नेता सुनील जाखड़, रणदीप सिंह सुरजेवाला, ओमन चांडी, अशोक चव्हाण, अभिषेक मनु सिंघवी, संजय निरुपम के खिलाफ सिविल मानहानि का मुकदमा दायर किया था. इसके साथ ही इसमें नेशनल हेरल्ड अखबार और इसके कुछ पत्रकार भी शामिल थे. यह भी पढ़े-राहुल गांधी का मोदी पर बड़ा हमला, कहा- ‘पीएम ने वायु सेना का 30 हजार करोड़ रुपये चुराकर अनिल अंबानी की जेब में डाल दिया’।
शिकायतकर्ता के वकील राकेश पारिख ने कहा, “हमने प्रतिवादियों को सूचित किया है कि हम उनके खिलाफ मुकदमे वापस लेने जा रहे हैं.। अनिल अंबानी ( की कंपनी ने नेशनल हेराल्ड के एडिटर इंचार्ज और आर्टिकल के लेखक विश्वदीपक के खिलाफ दीवानी मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. मुकदमे में अंबानी की कंपनी की ओर से आरोप लगाया था कि अखबार ने ‘राफेस सौदे से 10 दिन पहले अनिल अंबानी ने बनाई रिलायंस डिफेंस’ नाम से एक फर्जी और अपमानजनक आर्टिकल छापा था.।
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