नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर से 5 अगस्त को आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही कड़ी सुरक्षा जारी है। तब जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया था। इस फैसले के बाद घाटी में कई पाबंदियां लगाई गईं। जैसे-जैसे हालात सामान्य होते जा रहे हैं, सरकार सभी इलाकों से पाबंदियां हटा रही है। हाल ही में सरकार ने सभी लैंडलाइन सेवा बहाल कर दी, लेकिन इंटरनेट सेवा पर अभी भी प्रतिबंध जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में सख्ती बनी हुई है।
इस बीच आज मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने कश्मीर के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। हालांकि उसने सरकार की तारीफ भी की। यूएन ने कहा कि घाटी के लोग अधिकारों से वंचित हैं और हमने भारतीय अधिकारियों से मांग की है कि कश्मीर में नागरिकों के सभी अधिकार बहाल हों। कश्मीर में सुधार के लिए भारत ने कई कदम उठाए हैं।
मानव अधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के प्रवक्ता रूपर्ट कोल्विले ने कहा कि हम बहुत चिंतित हैं कि कश्मीर में लोग अधिकारों से वंचित हैं। हम भारत से अधिकारों को पूरी तरह से बहाल करने की अपील करते हैं।
आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान बुरी तरह से बौखलाया हुआ है। जम्मू कश्मीर में जीवन धीरे-धीरे पटरी पर आने से पाकिस्तान की नींद उड़ी हुई है। वह एलओसी पर लगातार सीजफायर वायोलेशन कर रहा है। हालांकि हमारी सेना वहां पूरी तरह से मुस्तैद है और उसे हर दफा करारा जवाब मिल रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान तरह-तरह के आरोप लगा विश्व जगत का ध्यान खींचने में लगे हुए हैं, लेकिन उन्हें इक्का-दुक्का देशों को छोड़ किसी का समर्थन नहीं मिल रहा।
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