कश्मीर: दो और आतंकियों से घर लौटने की गुजारिश
बता दें कि 20 साल के उभरते कश्मीरी फुटबॉलर माजिद इरशाद खान ने कुछ महीने पहले बंदूक थाम ली थी. उसके दोस्तों ने सोशल मीडिया पर उसके घर लौट आने की गुजारिश की थी. जिसके बाद शुक्रवार को माजिद ने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया.
माजिद के दोस्तों ने उसकी मां की रोती हुई एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उसे घर लौट आने के लिए कहा था. अब इससे प्रेरित होकर लश्कर आतंकी आशिक हुसैन भट और मंजूर अहमद बाबा के परिवार ने सोशल मीडिया पर अपने बेटों से घर लौट आने की गुजारिश की है.
शोपियां का रहने वाला है आशिक हुसैन भटआशिक हुसैन भट का परिवार जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है. वह करीब एक हफ्ते पहले गायब हो गया था. बाद में उसने लश्कर-ए-तैयबा ज्वाइन कर लिया. आशिक हुसैन की मां फहमीद कहती हैं, ‘9 नवंबर की दोपहर मेरा बेटा दुकान में कुछ सामान लेने गया था. लेकिन, आज तक नहीं लौटा.’
वह कहती हैं, ‘आशिक के बिना हमारे जीना का कोई मतलब नहीं है. मैं चाहती हूं कि वह जल्द घर वापस आ जाए. अगर वो नहीं आया तो या तो हम जहर खा लेंगे या ये जगह छोड़कर कहीं और चले जाएंगे.’
आशिक हुसैन भट के पिता मोहम्मद इशाक के मुताबिक, ‘आशिक पूरे घर की रौनक था. पूरे परिवार का पेट वही पालता था. उसकी बीवी भी हमारे साथ रहती है. उसके बिना परिवार का बुरा हाल है.’
कुछ महीनों पहले लापता हो गया था मंजूर
वहीं, 20 साल का मंजूर अहमद बाबा पुलवामा का रहने वाला है. फल बेचकर वह अपने परिवार का गुजारा करता था. कुछ दिनों पहले वह घर छोड़कर कहीं चला गया. बाद में उसके आतंकी संगठन में भर्ती होने की जानकारी मिली.
मंजूर अहमद बाबा की मां जोहरा बानो ने सोशल मीडिया के जरिए अपने बेटे से लौट आने की अपील की है. लश्कर-ए-तैयबा से गुजारिश करते हुए जोहरा कहती हैं, ‘अगर वह इस आतंकी संगठन में है, तो उसे आने दिया जाए. क्योंकि बच्चों के अलावा मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है.” जोहरा का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.
माजिद के दोस्तों ने किया था फेसबुक पोस्ट
बता दें कि कश्मीरी फुटबॉलर माजिद के दोस्तों ने सोशल मीडिया पर उससे आतंक की दुनिया से लौट आने की गुजारिश की थी. उसके एक दोस्त ने फेसबुक पर लिखा था- ‘आज मैंने तुम्हारी मां और अब्बू को देखा. वो बुरी तरह से टूट चुके हैं. प्लीज लौट आओ. इस तरह अपने मां-बाप को मत छोड़ो. प्लीज वापस आ जाओ. तुम अपने मां-बाप की इकलौती उम्मीद हो. वो तुमसे बिछड़ना नहीं सह पाएंगे. जब मैंने उन्हें देखा तब वो रो रहे थे. प्लीज माजिद उनके लिए लौट आओ. हम सब तुम्हें बहुत प्यार करते हैं.’
ऐसा माना जा रहा है कि माजिद ने अपने परिवार और दोस्तों की गुजारिश मानते हुए शुक्रवार को सरेंडर किया है.
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